जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के पेपर लीक के मामले में 17 अप्रेल को गिरफ्तार किये गये आरोपी एवं मुख्य सूत्रधार भुगोल विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर 59 वर्षीय जगदीश प्रसाद जाट निवासी मॉडल टॉउन, जगतपुरा एवं मूलत: सीकर की जमानत अर्जी जाली नोट मामलों की विशेष अदालत में जज गण्ोश कुमार ने गंभीर अपराध बताते हुए खारिज कर दिया। इससे पहले जाट की अर्जी सीएमएम कोर्ट से 17 मई को खारिज हुई थी।

अदालत ने आदेश में कहा कि गंभीर प्रकृति का आरोप है। विश्वविद्यालय जैसी उच्चस्तरीय पीरक्षाओं के प्रश्नोंपत्रों की गोपनीयता भंग होना गंभीर विषय है, जिससे अधिक पढने वाले विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पडता है। ऐसे मामलों से विश्वविद्यालय की ख्याती खत्म हो जाती है और डिग्रियां शक के दायरें में आ जाती है। मामले के एसओजी ने अब तक 19 आरापियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

इस मामले में एसओजी ने जांच में पाया कि आरोपी प्रोफेसर जेपी जाट ने स्नातक तृतीय वर्ष भुगोल का पेपर लीक कर फरार बी एल गुप्ता को फोन पर बताया था। बी एल गुप्ता ने परीक्षा से पूर्व प्रश्न पत्र सुश्री नीरज को नोट करा दिया था।

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