नई दिल्ली। देश के चर्चित निठारी निठारी कांड में गाजियाबाद स्थित एक विशेष सीबीआई अदालत ने मुख्य आरोपी सुरेद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंधेर को दोषी करार दिया है। अब उनकी सजा पर अदालत 24 जुलाई को फैसला सुनाएगी। ऐसे में अब आखिर 11 साल बाद इस जघंन्य कांड के पीडि़तों को न्याय मिलने जा रहा है।

बता दें साल 2006 में नोएडा के निठारी गांव में कोठी नंबर डी-5 से जब नरकंकाल मिलने शुरू हुए। जिससे देशभर में सनसनी सनसनी फैल गई। मामला सीबीआई तक पहुंचा तो जांच के दौरान नाले से मानव हड्डियों के साथ अन्य अवशेष मिले। नाले से 40 ऐसे पैकेट भी मिले, जिनमें मानव अंगों को भरकर फैंक दिया गया था। इस केस का खुलासा एक घटना से हुआ। जब 7 मई 2006 को पायल नाम की एक लड़की अचानक लापता हो गई। जांच हुई तो सामने आया कि पायल रिक्शे में बैठकर मोनिंदर पंढेर की कोठी तक आई थी। इसके तो प्रकरण की परतें खुली तो देश सन्न रह गया।

मामले में आरोपी सुरेंद्र कोली उत्तराखंड के अल्मोड़ा स्थित एक गांव का रहने वाला है। जो वर्ष 2000 में दिल्ली आया था। वह दिल्ली में एक ब्रिगेडियर के यहां खाना बनाने का काम करने लगा। अगले ही साल वह मोनिंदर सिंह पंढेर के संपर्क में आया और उसके कहने पर नोएडा सेक्टर-31 के डी-5 कोठी में काम करने लगा। वर्ष 2004 में पंढेर का परिवार पंजाब चले गया तो सुरेंद्र कोली उसके साथ कोठी में ही रहने लगा। पंढेर की कोठी पर कॉलगर्ल का आना जाना था। जब तक कॉलगर्ल रहती, तब तक वह कोठी के गेट पर ही नजर रखता था।

इसी दरम्यान सुरेंद्र कोली नेफ्रोफीलिया नामक बीमारी से ग्रस्त हो गया, जो बच्चों के प्रति आकर्षित होने लगा। उस पर आरोप लगे कि वह कोठी के समीप से गुजरने वाले बच्चों को पकड़कर कुकर्म करता और फिर उनकी हत्या कर देता। बरहाल सीबीआई की विशेष अदालत ने उसे दोषी कराकर देकर 24 जुलाई को फैसले की तारीख मुकर्रर कर दी है।

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