The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the inaugural session of centenary celebrations of ASSOCHAM, in New Delhi on December 20, 2019.

प्रधानमंत्री ने किर्लोस्‍कर ब्रदर्स लिमिटेड के शताब्‍दी समारोह में भाग लिया
delhi. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज नयी दिल्‍ली में किर्लोस्‍कर ब्रदर्स लिमिटेड(केबीएल) के शताब्‍दी समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने केबीएल के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्‍य में एक डाक टिकट जारी किया और साथ ही केबीएल के संस्‍थापक स्‍वर्गीय लक्ष्‍मणराव किर्लोस्‍कर की आत्‍मकथा के हिन्‍दी संस्‍करण ‘ यांत्रिक की यात्रा- द मैन हू मेड द मशीन’’ का विमोचन भी किया।

प्रधानमंत्री ने केबीएल को शताब्‍दी समारोह के उपलक्ष्‍य में बधाई देते हुए कहा कि जोखिम उठाने और नये क्षेत्रों की ओर कदम बढ़ाने का साहस आज भी भारतीय उद्यमियों की पहचान बनी हुई है। भारतीय उद्यमी देश की प्रगति और अपनी क्षमताओं को बढ़ाने तथा सफलताओं की नयी ऊंचाइयां छूने के लिए बेकरार हैं। उन्‍होंने कहा “आज जब हम एक नए वर्ष और नए दशक में प्रवेश कर रहे हैं मुझे यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि यह दशक भारतीय उद्यमियों का होगा।’’

प्रधानमंत्री ने कहा देश के लोगों की असली ताकत तभी सामने आ सकती है जब सरकार उद्योगों के लिए बाधा नहीं बल्कि उनके साथी के रूप में खड़ी हो। उन्‍होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान हमारी सोच ‘ इरादों के साथ सुधार, प्रभावी प्रदर्शन और आमूल बदलाव की रही है। हमने एक ऐसा शासन देने की कोशिश की है जो पूरी तरह पेशेवर होने के साथ ही काम को पूरी गति के साथ करने में विश्‍वास करता है। पिछले पांच वर्षों के दौरान देश में पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करने का माहौल बना है। देश में अखंडता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ काम करने का माहौल है। इसने देश को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें समय पर हासिल करने का हौसला दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा “वित्‍त वर्ष 2018-19 के दौरान यूपीआई के माध्‍यम से करीब 9 लाख करोड़ रूपए का लेन-देन हुआ। मौजूदा वित्‍त वर्ष में केवल दिसंबर माह तक यह आंकड़ा करीब 15 करोड़ रूपए पर पहुंच गया। आप इससे अनुमान लगा सकते हैं कि देश में किस तेजी के साथ डिजिटल लेन-देन को अपनाया जा रहा है। उजाला योजना ने कल अपने पांच वर्ष पूरे कर लिए। यह हम सबके लिए संतोष का विषय है कि देशभर में अबतक 36 करोड़ से ज्‍यादा एलईडी बल्‍ब बांटे जा चुके हैं।”

“ इसी तरह मेक इन इंडिया अभियान की सफलता हमारे उद्योग की ताकत है। मैं भारतीय उद्योग के हर क्षेत्र में सफलता की ऐसी कहानी लिखी देखना चाहता हूं।”

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