HPCL-Corruption-case

जयपुर। भारत सरकार की कोटा में स्थित इन्टूमेटेशन लिमिटेड आईएल कम्पनी में भ्रष्टाचार करने के मामले में आरोपी कम्पनी के 8 आलाधिकारियों को सीबीआई कोर्ट-4 में जज चन्द्रकला जैन ने आईपीसी एवं भ्रष्टाचार निवारण एक्ट.1988 की विभिन्न धाराओं में चार्ज सुनाए हैं। आरोपियों ने आरोपों से इंकार करते हुए अदालत से अन्वीक्षा चाही है। कोर्ट ने आठ के अलावा डी-कन्ट्रोल इलेक्ट्रीक पनकी कानपुर यूपी तथा इसके एमडी सशेन्द्र द्बिवेदी के खिलाफ भी चार्ज आदेश दिए हैं। द्बिवेदी के हाजिर नहीं होने पर कोर्ट ने उसे चार्ज सुनने के लिए 26 जुलाई को हाजिर होने के आदेश दिए हैं।
आरोप सुनने के लिए अदालत में कम्पनी के तत्कालीन सीएमडी रामानंद, निदेशक राजीव कुमार, महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन, महाप्रबंधक राजीव बहल, क्षेत्रीय प्रबंधक अनुज गोयल, उपमहाप्रबंधक अशोक कुमार सिंह, वरिष्ठ अभियंता बसंत कुमार सिंह, कॉन्ट्रेक्ट इंजीनियर गौरव श्रीवास्तव हाजिर हुए। इस मामले में आरोपी रहे तत्कालीन महाप्रबंधक अनिल श्रृंगी व निदेशक वित्त शैलेष गुप्ता को सीबीआई ने 18 जुलाई 2०16 को चालान पेश करते समय क्लीन चिट दे दी थी।

-अफसरों ने अपने ही जहाज में छेद कर डुबोया
सीबीआई के वकील डी.के. शर्मा ने बताया कि डिपार्टमेंट आॅफ हेवी इण्डस्ट्रीज, भारत सरकार का यह उपक्रम कभी प्रोफिट में हुआ करता था। लेकिन भ्रष्ट अफसरों ने कम्पनी रूपी जहाज में छेद कर उसे डुबो दिया। वर्तमान में यह कम्पनी बंद हो चुकी है। 675 करोड़ रुपए के दिए गए तीन ठेकों में हुए घोटाले को लेकर सीबीआई ने 2012 में शिकायत दर्ज कर 31 मई, 2०13 को मुकदमा दर्ज किया था। सीबीआई ने तो सीएमडी रामानंद एवं उसकी पत्नी पूनम के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने का अलग मुकदमा दर्ज कर दम्पत्ति के खिलाफ 31 मार्च 2016 को चालान पेश कर चुकी है। दम्पत्ति के पास 288.62 प्रतिशत अधिक सम्पत्ति जांच में पाई गई। सीबीआई ने दम्पत्ति की सम्पत्ति 21756831 रुपए आंकी थी। जबकि अर्जित 2309759 रुपए ही होती है।

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