जयपुर। भीलवाडा-रेनवाल स्टेट हाईवे पर गौशाला मोड, बनियावाली में 19 मई, 2०17 को सूखे पेड से टहनी गिरने से मोटर साईकिल सवार युवक की मौत होने के मामले में अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट क्रम-21 जज नरेन्द्र सिंह राठौड़ ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सचिव माधो लाल मीणा और मुख्य अभियंता एवं सचिव भीलवाडा-रेनवाल टोल राजमार्ग शिवलहरी शर्मा के खिलाफ मुहाना थाने को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 3०4 एवं 34 में एफआईआर दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में मृत युवक शंकर लाल बैरवा निवासी बडवाली ढाणी, कपूरावाला, तहसील सांगानेर के चाचा भगवान सहाय बैरवा ने अदालत में इस्तगासा पेश किया था।

एडवोकेट प्रमोद गौतम एवं कुणाल शर्मा ने कोर्ट को बताया कि परिवादी का भतीजा शंकर लाल 19 मई को खाद-बीज लेने गांव कपूरवाला से रेनवाल की तरफ मोटरसाईकिल से जा रहा था। रास्ते में सड़क किनारे एक सूखे जर्जर अवस्था में खड़े पेड का मोटा ठूंठ शंकर लाल पर गिर गई। जिससे उसका हेलमेट टूट गया और सिर फट गया। मौके पर टोल प्लाजा की एम्बुलेंस पहुंची और घायल शंकर को लेकर एसएमएस अस्पताल लेकर आई। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों की घोर लापरवाही एवं उपेक्षापूर्ण कृत्य के कारण यह दुर्घटना हुई है। विभाग के अफसरों की जिम्मेदारी थी कि वे आमजन के लिए खतरा बन चुके सूखे जर्जर अवस्था में खड़े पेडों को हटाते, लेकिन उन्होंने जानबूझकर उपेक्षा बरती। जिससे उसके भतीजे की मौत हो गई, जो कि हत्या की कोटि नहीं आने वाले आपराधिक मानव वध का अपराध कारित किया है। घटना को लेकर रिपोर्ट एसएचओ-मुहाना और डीसीपी दक्षिण को दी थी, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की। अब कोर्ट ने मुकदमा दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं।

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