Final form being given to the bill for stringent reforms in power sector: Power Minister

नयी दिल्ली। बिजली मंत्री आर के सिंह ने आज कहा कि मंत्रालय बिजली क्षेत्र में विभिन्न मोर्चो पर सुधार को लेकर संशोधित बिजली विधेयक को अंतिम रूप देने में लगा है। इसमें बिजली खरीद समझौते और अक्षय ऊर्जा खरीदने संबंधी शर्तों का सम्मान नहीं करने पर कड़े जुर्माने का प्रावधान किया जायेगा। उद्योग मंडल एसोचैम द्वारा आयोजित ‘तीसरे वैश्विक निवेशक -भारत मंच’ कार्यक्रम के दौरान अलग से बातचीत में सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम बिजली संशोधन विधेयक में पीपीए (बिजली खरीद समझौता) और आरपीओ (अक्षय ऊर्जा खरीद बाध्यता) समेत अन्य मुद्दों का निपटान करेंगे।’’ हालांकि, मंत्री ने इस बात को लेकर स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया कि संशोधित बिजली विधेयक को संसद के आगामी सत्र में पेश किया जाएगा या नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं उसके लिये कोशिश कर रहा हूं। मेरे पास बिजली क्षेत्र में सुधार की रूपरेखा है।’’ विधेयक में अन्य संशोधनों को भी शामिल किया जाएगा।

पीपीए के तहत बिजली वितरण कंपनियों को उत्पादकों से बिजली खरीदनी होती है वहीं आरपीओ के तहत कंपनियों को अक्षय ऊर्जा संबंधी बाध्यताओं को पूरा करना होता है। कंपनियां अक्षय ऊर्जा स्रोतों से उत्पादित बिजली खरीद सकती हैं या बाजार से अक्षय ऊर्जा प्रमाणपत्र हासिल कर सकती हैं। नये संशोधन के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम कानून में बदलाव करने जा रहे हैं। बिजली खरीद के जिस पीपीए पर हस्ताक्षर किये जाते हैं, उसका सम्मान हो। अगर वे सम्मान नहीं करते हैं, तब कड़ा जुर्माना लगाया जायेगा। इससे अनिश्चितता दूर होगी।

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