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नयी दिल्ली : अंग्रेजी एवं मलयालम की प्रसिद्ध लेखिका कमला दास उर्फ कमला सुरय्या पर डूडल बना सर्च इंजन गूगल ने आज उन्हें याद किया। कमला मलयालम में माधवी कुटटी नाम से लिखा करती थीं। केरल के त्रिचूर जिले में 31 मार्च 1934 को एक हिंदू परिवार में जन्मी कमला ने 65 साल की उम्र में इस्लाम अपनाया और कमला सुरय्या नाम से लिखना शुरू किया।

डूडल में वह दार्शनिक अंदाज में अपनी प्रिय डायरी और कलम के साथ दिखाई दे रही हैं। उनकी आंखों की गहराई और चमक उनके चेहरे पर एक अलग नूर ले आई है। अपने प्रशंसकों में ‘अम्मी’ के नाम से मशहूर कमला को उनकी आत्मकथा ‘माई स्टोरी’ से खासी मकबूलियत हासिल हुई। किताब विवादों में रही और इसे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी लोकप्रियता मिली। इसका 15 भाषाओं में अनुवाद किया गया। कमला दास को उनकी शानदार लेखनी के लिए वर्ष 1984 में नोबेल पुरस्कार के लिए भी नामित किया गया था। पुणे के एक अस्पताल में 31 मई 2009 को 75 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था।

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