नई दिल्ली। जी हां अब हमारी ही तरह गायों के भी आधार कार्ड बनेंगे और इसकी शुरुआत मध्यप्रदेश से होगी। यह सब गायों को सुरक्षित रखने और उनका सही आंकड़ा रखने के हिसाब से बिल्कुल कारगर उपाय लगता है। मगर पूरे देश में लागू करना अभी आसान नहीं लगता है। लेकिन अगर लागू हुआ तो गाय के मामले में हो रही अब तक की दिक्कतों से काफी हद तक छुटकारा मिल जाएगा। वहीं पशुपालन विभाग जल्द ही इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी देने वाला है। जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के धार, खरगोन, शाजापुर और आगर मालवा जिले में सरकार गायों का आधार कार्ड बनाने की योजना को पायलेट प्रोजेक्ट के रुप में जल्द शुरू करने जा रही है।

इस योजना के तहत प्रत्येक गाय को एक यूनिक आईडेन्टिफिकेशन कोड दिया जाएगा, जिससे उसकी पहचान होगी। साथ ही गाय का मालिक कौन है, वह कितना दूध देती है, इस प्रकार की तमाम जानकारी के साथ ही गाय की लोकेशन भी इससे मिल सकेगी। इसके लिए गाय के गले या कान में एक विशेष प्रकार की रेडियो फ्रिक्वेन्सी आईडी चिप लगाई जाएगी, जिसमें उसकी संपूर्ण जानकारी रहेगी। यह जानकारी एक क्लिक पर मिल सकेगी। धार में पशुपालन मंत्री अंतर सिंह आर्य ने इस योजना की जानकारी देते हुए इसे गायों के लिए अच्छी पहल बताया। उन्होंने कहा कि इससे गायों की लोकेशन के साथ ही उनके बारे में संपूर्ण जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि हम इस योजना पर कार्य कर रहे हैं और जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा। वहीं पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ.अशोक बरेठिया का कहना है कि इस योजना से गायों के अवैध परिवहन और तस्करी पर भी लगाम लगाई जा सकेगी।

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