सिरोही। पूर्व विधायक संयम लोढा ने कहा कि रक्षा एवं रेल जैसे क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देना सुरक्षा के लिहाज से देश के लिए खतरनाक है। इससे सरकारी नौकरियों के रास्ते भी बंद हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी बिजली कंपनियों, रोडवेज, सरकारी चिकित्सालयों का निजीकरण जैसे कदम शिक्षित युवाओं के भविष्य के लिए प्रश्न चिन्ह खड़ा कर देंगे। इससे दलित, आदिवासी एवं पिछड़े वर्ग के युवा चिंतित है।

लोढा रविवार के पोसीतरा में परिवर्तन युवा संघर्ष समिति, ग्यारह गांव मेघवाल समाज की ओर से आयोजित प्रथम प्रतिभावान छात्र-छात्रा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियां खत्म की जा रही है और इनकी भर्ती में लगातार गिरावट आ रही है। ग्राम पंचायत सहायक भर्ती में भी दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग के आरक्षण का प्रावधान न रखने को उन्होंने गलक करार दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं को लगाने के लिए हर पंचायत में अलग-अलग मानदंड रखकर भर्ती की गई। लोढा ने कहा कि एक खास विचारधारा के लोग जब भी सत्ता में आते है तो भारतीय संविधान में कमियां ढूंढने लगते है। कमी संविधान में नहीं उनके दिमाग में है। कभी संविधान समीक्षा की बात करेंगे तो कभी आरक्षण की। उन्होंने कहा कि इस संविधान की बदौलत करोड़ों देशवासी नारकीय जीवन से मुक्त हुए है। दलित एवं आदिवासियों के लिए भारत में आज सतयुग आया है और यह संविधान की बदौलत हुआ है। प्रधान श्रीमती प्रज्ञा कंवर ने कहा कि शिक्षित होकर ही हम जीवन अच्छे क्षेत्र से जी सकते है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ोओ अभियान का अच्छा असर हो रहा है।

उन्होंने सरकरी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। संत धर्मनाथ ने कहा कि दया धर्म का पालन करे। इसमें सबका कल्याण है। व्याख्याता नरेन्द्र परिहार ने शिक्षा के जरिए मजबूत होने का आव्हान किया। व्याख्याता कपूरचंद ने कहा कि बुद्ध एवं अंबेडकर दलितों के मसीहा है। समिति के अध्यक्ष कानाराम, गणपत, पूर्व जिला परिषद सदस्य रमेश मेघवाल, बसपा नेता मीठालाल, प्रमोद, मातर माता ट्रस्ट अध्यक्ष खेताराम माली, दरजाराम भील, तेजाराम मेघवाल, नरेन्द्र मेवाडा आदि ने भी विचार प्रकट किए। इससे पूर्व ग्यारह गांवों में 65 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं एवं सरकारी नौकरियों में नव चयनित मेघवाल समाज के कार्मिकों को आतिथियों ने पारितोषिक वितरण कर सम्मान किया। संचालन हर्षदधान ने किया। कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं में भुगतान में हो रहे विलम्ब की ओर अतिथियों क ध्यान आकृष्ट किया गया।

कोई जवाब दें