Chief Minister Vasundhara Raje

झुंझुनूं। झुंझुनूं में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने बेटियों और महिलाओ को आगे बढ़ाने का जो सपना देखा है उसे साकार करने में हम कोई कसर नही छोडेंगे। हम फिर से आपके नेतृत्व में देश और प्रदेश में विकास की कलम से जीत का अध्याय लिखेंगे।

-प्रधानमंत्री जी ने राजस्थान को चुना, यह गर्व की बात

वसुन्धरा राजे ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि राष्ट्रीय पोषण मिशन और बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों के लिए उन्होंने राजस्थान को चुना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्रीजी ने महिलाओं के सशक्तीकरण का जो बीड़ा उठाया है उससे उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है।

हम मोदीजी के सशक्त भारत के संकल्प को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोडेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में राजस्थान अग्रणी राज्य बन गया है। राजश्री योजना हो या मेधावी बालिकाओं के लिए एक लाख रूपए देने वाली पदमाक्षी योजना, बेटियों को सशक्त बनाने के लिए हम हर वह काम कर रहे हंै जिससे राजस्थान की महिलाओं का स्वाभिमान और गौरव बढ़ा सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में मेधावी बालिकाओं को आगे बढ़ने के लिए चार साल में 43 हजार लेपटाॅप, 9 हजार स्कूटी और 11 लाख से अधिक साइकिलें बालिकाओं को दी जा चुकी हैं। हमारा प्रयास है कि बेटियों को भविष्य निर्माण के लिए तमाम अवसर और सुविधाएं मिलें।

-रोल माॅडल बन रहीं हमारी बेटियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में राजस्थान की बेटियां रोल माॅडल के रूप में उभरी हैं। झुंझुनूं की मोहना सिंह फाइटर जेट उड़ाने वाली देश की प्रथम तीन महिलाओं में से एक है। इसरत अहमद सेना में तैनात पहली मुस्लिम महिला कमीशन्ड आॅफिसर है। उन्होंने बालिका शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए झुंझुनूं के गणितज्ञ डाॅ. घासीराम वर्मा की सराहना की।

राजे ने कहा कि उदयपुर की मीरा बाई हैडपम्प मैकेनिक है तो हीना कल्ला दृष्टिहीन होने के बावजूद आरएएस बनी हैं। डूंगरपुर की आदिवासी महिलाएं स्वयं सहायता समूह के माध्यम से सोलर लैम्प बनाकर देश की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी हैं। राजे ने कहा कि बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश के कई जिलों में नवाचार हुए हैं। राजसमंद की पीपलांत्री पंचायत में तो हर बालिका के जन्म पर 111 पौधे लगाए जाते हैं। इस पंचायत में अब तक 3 लाख 50 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। गंगानगर, भरतपुर और दौसा में सामूहिक विवाह के दौरान बेटी बचाने के लिए 8 वां फेरा लिया जाता है।

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