जयपुर। राजस्थान विष्वविद्यालय में पढने वाले छात्रों को अब अपने विषय से जुडी देष की श्रेष्ठतम पांच पुस्तकों को जानने व उससे जुडे विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। इसके लिऐ विष्वविद्यालय इन पुस्तकों पर छात्रों एवं षिक्षकों की सयुंक्त चर्चा के एक महाकुम्भ का आयोजन मार्च के प्रथम सप्ताह में कर रहा है। इस अवसर पर विष्वविद्यालय के 38 स्नातकोत्तर विभागों में प्रति विभाग पांच पुस्तकों के आधार पर विभिन्न विषयों की राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठतम लगभग 200 पुस्तकों पर विष्वविद्यालय के छात्र एवं षिक्षकों को सयुंक्त रूप से विवेचना व चर्चा करने का अवसर प्राप्त होगा। विष्वविद्यालय में कुलपति राजेष्वर सिंह की पहल पर विष्वविद्यालय में पहली बार आयोजित किऐ जा रहे इस पुस्तक विमर्ष कार्यक्रम से जुडे विभिन्न पक्षों पर विचार के लिए सभी विभागाध्यक्षों एवं शोध केन्द्रों की एक बैठक आयोजित की गई, इस बैठक में सभी विभागाध्यक्षों ने कुलपति के इस अभिनव विचार को विष्वविद्यालय में एक नया शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिषा में प्रभावी विचार बताया। विष्वविद्यालय के जनसम्पर्क अधिकारी डाॅ. भूपेन्द्र सिंह शेखावत के अनुसार इस कार्यक्रम को आयोजित करने के पीछे कुलपति का यह मंतव्य है कि छात्रों को उनसे जुडे विषय की राष्ट्रीय स्तर की श्रेष्ठतम पुस्तकों की जानकारी हो जिससे वे अपने विषय से जुडी श्रेष्ठ अध्ययन सामग्री का उपयोग अपने अध्ययन में कर सकें, विष्वविद्यालय के इस प्रयास से निम्न स्तरीय पुस्तकों का विस्तार रूकेगा व उच्च स्तरीय पुस्तकों के अध्ययन से छात्रों में एक नयी सोच विकसित होगी। इस कार्यक्रम के पहले चरण में विष्वविद्यालय मार्च के प्रथम सप्ताह में विष्वविद्यालय के सभी 38 स्नातकोत्तर विभागों में एक ही दिन यह कार्यक्रम आयोजित करेगा, इस कार्यक्रम के तहत संबंधित विषय के विभागाध्यक्ष व विभाग में नियुक्त दो वरिष्ठ एवं दो हाल ही नियुक्त हुए षिक्षकों का एक पांच सदस्यीय पैनल बारी बारी से इन श्रेष्ठतम पुस्तकों में एक एक पुस्तक पर 20 मिनट की समयावधि तक इन चयनित श्रेष्ठतम पुस्तकों से जुडी विवेचना प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर प्रत्येक विभाग एवं उससे जुडे विषय से संबंधित सभी षिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहेंगे। इस सयुंक्त परिचर्चा में उपस्थित छात्रों को विवेचना करने वाले षिक्षक से सीधे प्रष्न करने का अवसर भी दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि विष्वविद्यालय में पढने वाले छात्रों का लक्ष्य अपनी परीक्षाओं को पास करने के लिए प्रचलित पास बुकों या स्थानीय लेखकों द्वारा लिखी गयी पुस्तकों पर ही केन्द्रित रहता है। यहां तक की अधिकांष छात्रों को तो यह भी मालूम नही है कि उनके विषय में राष्ट्रीय स्तर पर कौनसी पुस्तकें हैं व इनमें श्रेष्ठ पुस्तकें कौनसी हैं। कुलपति की इस पहल से विष्वविद्यालय छात्रों को अपने विषय से जुडी श्रेष्ठतम पुस्तकों की जानकारी तो होगी ही साथ ही अन्य विषयों से जुडी श्रेष्ठतम पुस्तकों की भी जानकारी प्राप्त होगी। इस कार्यक्रम से पूर्व प्रत्येक विभाग के विभागाध्यक्ष द्वारा अपने विषय की चयनित इन पांच श्रेष्ठ पुस्तकों की सूची विभाग के नोटिस बोर्ड एवं विष्वविद्यालय की वैबसाइट पर प्रदर्षित की जाएगी।

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