जयपुर। जयपुर ग्रामीण क्ष्ोत्र की गरीब महिलाओं को झांसा देकर फर्जी सोनोग्राफी कर गर्भ में पल रहे बच्चे का फर्जी लिंग बताकर अवैध वसूली करने के अपराध में गिरफ्तार किए गए दो अपराधियों की जमानत अर्जी जाली नोट मामलों की विश्ोष अदालत में जज गण्ोश कुमार ने गम्भीर टिप्पणी करते हुए खारिज कर दी। अदालत ने जेल में बन्द अभियुक्त अनिल कुमार शर्मा (27) एवं ताराचन्द जाट (24) निवासीयान गांव हाथनौदा-चौमूं की अर्जी खारिज करते हुए आदेश में कहा कि लकडी का नकली सोनोग्राफी नोब से फर्जी परीक्षण कर लड़की होना बताना तो उस सोनोलोजिस्ट से ज्यादा खतरनाक है भ्रूण लिंग जांच किए बिना ही संतान का परिणाम बता रहा है। गर्भ में पल रहे भ्रूण को लड़की बताकर अजन्मी सन्तान की हत्या करने की ओर पहला कदम है। बिना किसी सक्षम जांच के निष्कर्ष बताना कि गर्भ में सन्तान लड़की है, गम्भीर छल का विषय है। एक व्यक्ति बिना मेहनत के कैसे पैसे कमा सकता है, इसका यह उत्कृष्ट नमूना है। और पैसे वसूल करने के लिए ग्रामीण अनपढ़ महिला को जल्दी सफाई कराने की कहते हैं। पीबीआई थाना पुलिस ने 13 जनवरी को डिकॉम ऑपरेशन कर रामकिशोर सांभरिया सहित को 3० हजार रुपए लेते हुए गिरफ्तार कर इस आपराधिक गिरोह का खुलासा किया था। अभियुक्त ताराचन्द जाट तो राजकीय अस्पताल चौमूं में संविदा पर कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर लगा हुआ था। अनिल दलाल था।

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