जयपुर। आनन्दपाल की पत्नी राजकंवर की ओर से जो रिपोर्ट लिखाई गई है उसमें आरोप लगाया है कि साजिश के तहत बीकानेर जेल में मेरे पति आन्नदपाल पर हमला हुआ। अपनी जान बचने के लिए ही वह फरार हुए थे। साथ ही विक्की व गट्टू को हिसार के शेरपुर से अवैध रूप से हिरासत में लेकर मारपीट की। मालासर स्थित श्रवणसिंह के मकान में पूरे परिवार को जबरन बंधक बनाकर घेराबंदी की गई तथा मेरे पति को बातचीत के बहाने बुलाकर गिरफ्तार किया। साथ ही न्यायालय में सुरक्षित पेश करने का झूठा आश्वासन देकर बुलाया तथा फर्जी तरीके से एनकाउंटर कर दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि आनंदपाल के शव का पुलिस अधिकारियों ने निम्न श्रेणी के अस्पताल में डॉक्टरों से मिलीभगत कर पोस्टमार्टम करवाया। इसकी गलत रिपोर्ट पेश की गई और शरीर में गोली छोड़ दी गई। न्यायालय के आदेश के बाद दोबारा पोस्टमार्टम जिला अस्पताल में करवाया गया। जिसमें काफी भिन्नता देखने में आई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उसके पति के खिलाफ राजनीतिक साजिश के तहत झूठे मुकदमे दर्ज किए गए। जिनका आनन्दपाल से कोई लेना देना नहीं है।
इन अधिकारियों के खिलाफ लिखाई रिपोर्ट
एसओजी महानिरीक्षक दिनेश एमएन, बीकानेर आईजी, विपिनचंद्र पांडे, चूरू एसपी, राहुल बारहठ, एसओजी एसपी, संजय श्रोत्रिय, एएसपी करण शर्मा, सीआई, सूर्यवीरसिंह, कुचामन सीओ विद्या प्रकाश, हरियाणा के आईपीएस नरेंद्र बिजारणियां, चूरू एएसपी योगेंद्र फौजदार, एसओजी एएसपी संजीव भटनागर, रतनगढ सीओ नारायण दान, एसओजी के पुलिस निरीक्षक सूर्यवीर सिंह सहित 33 पुलिसकर्मियों पर नामजद आरोप हैं। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जा दिलाने की मांग की है।

LEAVE A REPLY