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पाली. बच्ची से रेप और डबल मर्डर के मामले में बुधवार को आरोपी को फांसी की सजा दी गई है। आरोपी पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। फैसला सुनाते हुए पाली की पॉक्सो कोर्ट संख्या 3 के जज अनवर अहमद चौहान ने टिप्पणी में कहा आरोपी ने अपराध की पराकाष्ठापार की, मृत्युदंड मिलना ही चाहिए। पॉक्सो कोर्ट संख्या 3 के पब्लिक प्रोसिक्यूटर खीमाराम पटेल ने बताया कि पाली जिले के सिरियारी थाना क्षेत्र के आसन जोधवन गांव निवासी आरोपी 22 साल के अर्जुन सिंह दो दोषी मानते हुए सजा सुनाई गई है। आरोपी ने 10 साल की बच्ची से रेप कर उसकी और उसके 13 साल के भाई की पत्थरों से कुचलकर 1 मई 2023 को हत्या कर दी थी। रेप और डबल मर्डर केस का फैसला सुनाते हुए विशिष्ठ जज अनवर अहमद चौहान ने कहा कि आरोपी ने अपराध की पराकाष्ठा पार कर दी। 10 और 13 साल के नाबालिगों की हत्या करना और 10 साल की बच्ची से रेप करना अति गंभीर अपराध है। दोनों ही मृतकों के जीवन की अभी शुरूआत भी नहीं हुई थी और आरोपी ने उनकी निर्मम हत्या कर दी। हत्या से पहले 10 साल की नाबालिग बालिका से रेप किया गया,जो अति गंभीर अपराध है। ऐसे अपराधी को मृत्युदंड मिलना ही चाहिए। पटेल ने बताया कि 1 मई 2023 को सिरियारी थाना क्षेत्र की रहने वाली 10 साल की बच्ची और उसका 13 साल का भाई बकरियां चराने गए थे। दोनों देर शाम तक घर नहीं लौटे। पुलिस और परिवार ने तलाश की तो 2 मई को दोनों की बॉडी मानी गांव के पास मामाजी का ओरण में मिली। आरोपी ने रेप के बाद बच्ची की हत्या कर दी। उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर कुछ दूरी पर बकरियां चरा रहा उसका 13 साल का भाई पहुंचा तो आरोपी अर्जुन सिंह ने पत्थरों से कुचलकर उसे भी मार डाला। पुलिस ने आरोपी आसन जोधवन गांव निवासी आरोपी अर्जुन सिंह (22) पुत्र गुलाब सिंह को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया और न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। मामले में पॉक्सो कोर्ट संख्या 3 के विशिष्ठ जज अनवर अहमद चौहान ने फैसला सुनाते हुए आरोपी अर्जुन सिंह को मृत्युदंड और 5 लाख के जुर्मान की सजा सुनाई।
– नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले दो अभियुक्तों को 14 साल की सजा
जयपुर। जिले की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले दो अभियुक्तों को 14 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर कुल दो लाख बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियुक्तों में से एक अभियुक्त पीडिता की चाची का भाई है और दूसरा अभियुक्त उसका दोस्त है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक विजया पारीक ने बताया कि 7 जुलाई, 2020 को पीडिता के चाचा ने किशनगढ़-रेनवाल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि उसकी 16 साल की भतीजी दोपहर के समय घर के पीछे बने बाथरूम में नहाने गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। वहीं कमरे में एक चिट्ठी मिली, जिसमें उसने स्वेच्छा से जाने की बात कही। इस दौरान एक मोबाइल भी मिला, जिसमें उसके रिश्तेदार की फोटो है। रिपोर्ट में आशंका जताई गई की रिश्तेदार उसे लेकर गया है। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने परिवादी के रिश्तेदार और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया। सुनवाई के दौरान पीडिता ने अदालत को बताया कि अभियुक्त उसकी चाची का भाई होने के कारण उससे बातचीत होती थी। अभियुक्त ने तीन मई, 2020 को उसे नशीला पेय पिलाकर मंदिर में शादी कर ली और वापस घर छोड़कर चला गया। इसके बाद 21 जून, 2020 की रात अभियुक्त उसके घर आया और उससे संबंध बनाए। पीडिता ने अदालत को बताया कि 7 जुलाई, 2020 को अभियुक्त के कहने पर वह उसके दोस्त के साथ गुरुग्राम चली गई। जहां वह उसके साथ डेढ माह रही। इसके बाद वह उसे जयपुर ले आया और उसके साथ संबंध बनाए। कुछ दिनों बाद अभियुक्त भी वहां आ गया और दोनों ने उससे संबंध बनाने चाहे और मना करने पर उससे मारपीट भी की। इसके बाद उसके परिजन और पुलिस आकर उसे ले गई।

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