HPCL-Corruption-case

जयपुर। सुप्रीम कोर्ट से बहाली के 54 घंटे में ही सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा को उनके पद से हटा दिया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने बहाली के दो दिन बाद ही वर्मा को उनके पद से हटाकर दूसरी जगह पर तबादला कर दिया गया। वे इस महीने ही रिटायर हो रहे हैं। ट्रांसफर के बाद आलोक वर्मा ने आज बयान जारी किया है।

वर्मा ने आरोप लगाया है कि उन्हें झूठे आरोप लगाकर तबादला किया गया है। मेरे ऊपर ऐसे व्यक्ति ने आरोप लगाए, जो मेरे से द्वेष रखता है। गौरतलब है कि सीवीसी की रिपोर्ट पर वर्मा का तबादला किया गया है। इस रिपोर्ट पर ही केन्द्र सरकार ने सीबीआई चीफ वर्मा के स्थान पर दूसरे नंबर के अफसर राकेश अस्थाना को लगाया गया था।

इस आदेश को वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने वर्मा को हटाए जाने को गलत ठहराते हुए पुन बहाली के आदेश दिए, लेकिन 54 घंटे बाद ही वर्मा का टांसफर सिविल डिफेंस, फायर सर्विसेस और होमगार्ड विभाग के डीजी पद पर किया है। वर्मा और अस्थाना ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने के आरोप लगाए थे।

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