King dahrasen jayanti
King dahrasen jayanti
-अरबों द्वारा सिंध पर हमलो का विरोध करते शहीद हुए राजा दाहरसेन की जयंती
अजमेर। अरबो के द्वारा विदेशी हमला सिंध पर 712 में हुआ था, सिंध पर किए गए हमलो का सशक्त विरोध करते हुए शहीद होने वाले सिंध के राजा दाहरसेन की जयंती के अवसर पर आज उन्हें श्रृद्धा और उल्लास के साथ श्रृद्धांजली अर्पित की गयी। हिन्दुस्तान के सीमांत राज्य सिंध पर अरब के खलीफा के आदेश से मोहम्मद बिन कासिम के नेतृत्व में किए गए हमले से महाराजा दाहरसेन के साथ उनकी रानी लाडी बाई, राजकुमारी परमाल और सूर्य कुमारी ने भी युद्ध में विदेशी हमलावरों का सामना किया था। महाराज दाहरसेन की स्मृति में बने अजमेर में लगभग 40 हजार वर्गगज क्षेत्र पर स्मारक पर आज देशभक्ति के तरानों ने सम्पूर्ण वातावरण को शौर्य की फिजा में बदल दिया। आज देशभक्ति की 20 जबरजस्त प्रस्तुतियों में कलाकारों, शैक्षणिक विद्यालयों की छात्र छात्राओं ने देशभक्ति पर आधारित रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में दाहरसेन के साथ हिंगलाज माता, श्रीचंद भगवान, ईष्ट झूलेलाल, संत कंवरराम, शहीद हेमु कालानी, राणा रतनसिंह व विवेकानन्द सहित कई संतों और वीरों को श्रृद्धांजली अर्पित की गयी। सिंध की सभ्यता और संस्कृति पर आधारित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया गया।
समारोह में राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रौन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकारसिंह लखावत ने इस अवसर घोषणा की कि सिंध को विदेशी आक्रमणताओं से मुक्त करने वाले सिंधु मित्र बप्पारावल का एक भव्य स्मारक, एकलिंग जी निकट बप्पारावल के स्थान पर 2017 में पूर्ण कर जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। अजमेर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, पर्यटन विभाग, भारतीय सिन्धु सभा, सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन विकास व समारोह समिति के संयुक्त तत्वाधान में जयंती के अवसर पर पांच दिवसीय कार्यक्रमों में रंगभरो, देशभक्ति गायन, नृत्य, बॉस्केट बॉल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी, महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री अनिता भदेल, अजमेर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष शिवशंकर हेड़ा, जिलाध्यक्ष अरविन्द यादव, केन्द्रीय कार्यालय प्रमुख भारतीय सिन्धुसभा मुम्बई ईश्वर लालवाणी, पूर्व विधायक हरीश झामनाणी, नवलराय बच्चाणी के साथ अन्य पदाधिकारियों ने हिंगलाज माता की पुजा अर्चना कर महाराज दाहरसेन को श्रृद्धासुमन अर्पित कर कार्यक्रम की शुरूआत की।

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