– लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की लागत की परियोजनाओं एवं विभिन्न योजनाओं की समीक्षा
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गांव-ढाणी से लेकर शहरों का समग्र विकास करते हुए आमजन को बुनियादी सुविधाएं को उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने जिला कलक्टरों को निर्देश दिए कि वे सफाई, पेयजल, सड़क, रोशनी, कचरा संग्रहण सहित आमजन से जुड़ी सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें। इनसे संबंधित किसी भी प्रकार की परिवेदना का प्राथमिकता से निस्तारण करें तथा कोताही बरतने पर कार्मिक और ठेकेदार पर कार्यवाही करें। अंतर विभागीय समाधान वाली शिकायतों में जिला कलेक्टर प्रभावी विभागीय समन्वय भी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने इन सुविधाओं के सुचारू संचालन के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन नियोजित करने के लिए भी विशेष रूप से निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राज उन्नति की आठवीं बैठक में लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की लागत की परियोजनाओं एवं विभिन्न योजनाओं के तहत प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून का सीजन होने के कारण जल भराव, सड़कों का टूटना, बिजली आपूर्ति बाधित होना, दुर्घटनाएं होना आदि समस्याएं लगातार सामने आती हैं। जिला प्रशासन इन समस्याओं का पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ समाधान करे। उन्होंने जिला कलक्टर्स से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सड़कों की मरम्मत एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्रत्येक नगर निगम को 10 करोड़ रुपये, नगर परिषद को 3 करोड़ रुपये और नगरपालिका को 1 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवाई है। जिला कलक्टर समिति गठित कर आवश्यक सड़क मरम्मत और अन्य कार्य तत्काल करवाएं। साथ ही, आवश्यकतानुसार नालियों, पुलियाओं, सड़क किनारों एवं अन्य संबंधित आधारभूत सुविधाओं की मरम्मत भी करवाएं। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच करने और मौके पर कार्य की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रमुख मार्गों, चौराहों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था करने तथा खराब स्ट्रीट लाइट को तत्काल ठीक करवाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी-जी राम-जी की प्रगति की जिला कलेक्टर स्वयं समीक्षा करें। मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि इसके अंतर्गत करीब तीन लाख प्लांट लगाए जा चुके हैं। शेष प्लांट भी मार्च 2027 तक लगाया जाना सुनिश्चित किया जाए। इससे प्रदेश ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ते हुए देश में सिरमौर बनेगा। उन्होंने मुख्य सचिव को योजनांतर्गत बैंक ऋण सुविधा को अधिक सुचारू बनाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने रींगस-सीकर रेल मार्ग के दोहरीकरण कार्य के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश में प्रगतिरत 60 स्टेशनों के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने जयपुर में प्रस्तावित ईएसआई मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि कॉलेज निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि का शीघ्र चयन कर इसका कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी शुरू होना राजस्थान की प्रगति के लिए मील का पत्थर है। रिफाइनरी के साथ-साथ अब यहां इससे जुड़े अन्य उद्योग भी तेजी से विकसित होंगे। इससे क्षेत्र में यातायात बढ़ेगा। इसे देखते हुए एनएच-25 के पचपदरा बाईपास से पटाऊ इंटरचेंज तक मौजूदा हाईवे को चार लेन करने के लिए संबंधित अधिकारी जरूरी प्रक्रियाओं को शीघ्र निस्तारित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नगरीय निकायों में घरों एवं प्रतिष्ठानों से ठोस कचरा संग्रहण के लिए जीसीसी मॉडल पर 4 हजार हूपर लगाए जाएंगे। उन्होंने इसकी निविदा प्रक्रिया को जल्द संपन्न करने के निर्देश दिए। उन्होंने डिजिटल कृषि के लिए महत्वपूर्ण परियोजना एग्री स्टैक की प्रगति की जानकारी लेते हुए शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री को नामांतरण से जोड़ने एवं शेष रहे गांवों की जियो-रेफरेंसिंग शीघ्र सुनिश्चित करने के संबंध में भी निर्देशित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत शेष कार्य मिशन मोड में पूरे किए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन के अंतर्गत भवन निर्माण के लिए भूमि का शीघ्र आवंटन और चिकित्सा उपकरण एवं मशीनों की उपयोगिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने इस संबंध में मुख्य सचिव को नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्थान संपर्क पोर्टल एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त परिवादों की वस्तुस्थिति की समीक्षा करते हुए लंबित परिवादों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने करौली नगर परिषद में मुकेश कुमार गुप्ता की आवासीय पट्टे की फाइल खो जाने के प्रकरण में गहन जांच कर संबंधित कार्मिकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। परिवादी ने शिकायत दी थी कि वर्ष 2022 में उन्होंने आवासीय मकान के पट्टे के लिए आवेदन दिया था, लेकिन उनकी फाइल खो गई। इस संबंध में संपर्क पोर्टल पर परिवेदना दर्ज कराई। प्रकरण राज उन्नति में दर्ज होने के बाद तत्कालीन सहायक प्रशासनिक अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। वहीं, आज उन्हें पट्टा भी जारी कर दिया गया है। इसके लिए परिवादी ने संपर्क पोर्टल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने स्वायत्त शासन तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की सामुदायिक परिवेदनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सड़क के गड्ढे, मैनहोल, स्ट्रीट लाइट की परिवेदनाओं का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने प्रदेशभर में फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) के क्षमता के अनुरूप सुचारू संचालन के लिए कर्मचारियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति एवं वाहनों को जीपीएस से जोड़ने के लिए भी निर्देशित किया।
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