Adani Power

नयी दिल्ली: उच्च राजस्व और कम उधार लागत के चलते अडाणी पावर का चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 297.71 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का एकीकृत शुद्ध घाटा 313.05 करोड़ रुपये रहा था। अडाणी पावर ने बयान में कहा कि दूसरी तिमाही में कंपनी की कुल आय पिछले साल के 5,670.25 करोड़ रुपये से बढ़कर इस साल 6,462.47 करोड़ रुपये हो गयी।

इस वित्त वर्ष की अप्रैल-सितंबर अवधि में कंपनी का एकीकृत शुद्ध घाटा कम होकर 161.14 करोड़ रुपये रह गया, पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 545.68 करोड़ रुपये रहा था। 31 मार्च 2017 को सामाप्त वित्त वर्ष में कंपनी को 6,174.10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

परिणाम पर टिप्पणी करते हुए अडाणी पावर के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा, “शक्ति कार्यक्रम के तहत जिन संयंत्रों का पीपीए (बिजली खरीद समझौता) हो चुका है उनके लिए हाल ही में कोयले की बोली प्रक्रिया हुई जो कि हमारे तिरोडा और कवाई परियोजनाओं जैसे बिजली संयंत्रों को घरेलू कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।’’ उन्होंने आगे कहा, “सौभाग्य योजना देश में व्यापक पैमाने पर बिजली कनेक्शनों का प्रावधान करेगी और बिजली की मांग में वृद्धि को प्रोत्साहित करेगा। हाल ही में बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड के साथ 1,496 मेगावाट का बिजली खरीद समझौता अडाणी पावर के पोर्टफोलियो में विविधत्ता लाने में मदद करेगा।” अडाणी ने कहा कि राजस्व में वृद्धि मुख्य तौर पर हरियाणा डिस्कॉम से अंतरिम राहत मिलने की वजह से हुई। इस दौरान कंपनी के वित्तपोषण की लागत भी पिछले साल के 1,434 करोड़ रुपये की तुलना में घटकर 1,389 करोड़ रुपयें रही।

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