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नोटिस में पूछा क्यों ना कार्यवाही के लिए हाईकोर्ट को रेफरेंस प्रस्तुत कर दें
जयपुर, 12 अक्टूबर। अदालत के बार-बार आदेश देने के बाद भी विवादित सम्पति की मूल्यांकन रिपोर्ट पेश नहीं करने पर जयपुर महानगर की एडीजे क्रम-10 कोर्ट में जज भूपेन्द्र कुमार सनाढय ने जयपुर के जिला कलेक्टर को 2 नवम्बर को अदालत में व्यक्तिश: हाजिर होकर स्पष्टीकरण पेश करने के आदेश दिए है।

 

कोर्ट ने जिला कलेक्टर, जयपुर को जारी होने वाले नोटिस में यह भी पूछा है कि क्यों नहीं आपके खिलाफ कार्यवाही के लिए राजस्थान हाईकोर्ट को रेफरेंस प्रस्तुत किया जावे। अदालत ने आदेश में कहा है कि कोर्ट के पत्रों की तनिक भी परवाह नहीं है और ऐसा परीलक्षित होता है कि लाल फीताशाही के चलते कोर्ट के पत्रों को निरन्तर दरकिनार किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने 5-10 वर्ष पुराने प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण के आदेश दे रख्ो है। इस मामले में कोर्ट 22 जनवरी, 2016 से निरन्तर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जयपुर महानगर के जरिये निरन्तर आदेश-निर्देश व पत्र व्यहार कर रही है। कोर्ट ने जिला कलेक्टर, जयपुर को 13 अप्रैल, 2017 को अर्द्धशासकीय पत्र एवं 7 जुलाई को स्मरण पत्र देने सहित 11 सितम्बर तक 6 बार नोटिस जारी कर चुकी, लेकिन जिला कलेक्टर एवं उनके प्रशासन ने सम्पति की मांगी गई मूल्यांकन रिपोर्ट को भेजना तो दूर,भेजे गये पत्रों का जवाब तक देना मुनासिब नहीं समझा।

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