Success Story, helpless people, Corona crisis, rajasthan

जयपुर. वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से जारी जद्दोजहद के साथ मानवीय संवेदनाएं पूरी तरह से जीवंत है जिसके चलते मानसिक रूप से कमजोर मुस्तफा और दृष्टिहीन रामजीवन को बारां जिला कलक्टर श्री इन्द्र सिंह राव के निर्देश पर सहायता प्रदान की गई और अब उनको जीने की राह मिल गई है।

कलक्टर श्री राव ने बताया कि कोरोना आपदा के तहत लॉकडॉउन के दौरान पुलिस द्वारा मानसिक रूप से मंद व्यक्ति मुस्तफा को बारां शहर में घूमते हुए पकड़ा गया है उससे जब पूछताछ की गई तो वह अपने बारे में ज्यादा जानकारी नही दे सका सिर्फ ये बता पाया कि वह पश्चिम बंगाल का है। इस पर मुस्तफा को राजकीय अस्पताल के कोविड-19 वार्ड में आईसोलेशन में रखकर कोरोना जांच के लिए सैम्पल लिए गए है व उपचार दिया गया। मुस्तफा की जब दो जांच रिपोर्ट नेगेटिव आ गई तो उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया लेकिन उसके पास रहने का कोई ठिकाना नही था और ना ही वो इस स्थिति में था कि उसे कहीं भेजा जा सके। इस पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को निर्देश देकर बारां में संचालित मानसिक विमंदित गृह औस संस्थान में मुस्तफा को भेज दिया गया। औस संस्थान में मुस्तफा के बालों की कटिंग करवाकर उसे नये कपडे़ आदि प्रदान कर सहायता दी गई जिसके चलते विमंदित मुस्तफा में काफी सुधार आ गया है और अब वह सामान्य रूप से बात कर रहा है और शांत होकर रह रहा है। कलक्टर श्री राव ने बताया कि यदि मुस्तफा से पश्चिम बंगाल में उसके परिवारजनों व घर के संबंध में जानकारी प्राप्त हो जाएगी तो उसका पता वेरिफाई कर गृहक्षेतर्् में भिजवाने की व्यवस्था भी प्रशासन द्वारा की जाएगी।

कोरोना आपदा के दौर में दृष्टिहीन रामजीवन पर उस समय गाज गिरी जब परिवारजनों ने उसे घर से निकाल बेसहारा छोड दिया। वह सड़कों पर घूमते हुए पुलिस को मिला जिस पर उसे राजकीय अस्पताल में कोरोना-19 वार्ड में रखकर कोरोना जांच की गई जांच का परिणाम नेगेटिव आने पर पूर्ण रूप से दृष्टिहीन रामजीवन से घर व परिवारजनों के बारे में जानकारी ली गई। जिला प्रशासन द्वारा जब रामजीवन के परिवारजनों से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने किनारा कर लिया और घर में लेने से साफ मना कर दिया, जब समझाईश पर भी परिवारजन नही माने तो जिला कलक्टर इन्द्र सिंह राव के निर्देश पर रामजीवन को जिले के अन्ता उपखंड में सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के अधीन संचालित वृ़द्धाश्रम लोक कल्याण समिति में भेज दिया गया। सहायक निदेशक सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग राकेश कुमार ने बताया कि बेसहारा दृष्टिहीन रामजीवन को वृद्धाश्रम में रहने की जगह, कपडे़ सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई जिससे वह संतुष्ट एवं प्रसन्न है। दृष्टिहीन रामजीवन सहायता के लिए जिला कलक्टर व अधिकारियों का कई बार आभार प्रकट करता है।

LEAVE A REPLY