जयपुर। जयपुर के नामचीन व्यापारिक समूह से जुड़ी दुर्गापुरा स्थित सियाराम सिटी कैब कंपनी के संचालकों द्वारा कंपनी के ड्राइवरों की पीएफ राशि काटकर भी भविष्य निधि खाते में जमा नहीं कराकर गबन करने का मामला सामने आया है। इस मामले की शिकायतों के बाद जवाहर सर्किल थाना पुलिस तो जांच कर रही है, भविष्य निधि कार्यालय ने कंपनी के खिलाफ जांच शुरु कर दी है और कंपनी को नोटिस देकर यह जवाब भी मांगा है कि कंपनी के कर्मचारियों का पीएफ जमा क्यों नही कराया। इस मामले को उठाने वाले ऑल राजस्थान टूरिस्ट ड्राईवर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष महीपाल सिंह मंडावरा ने बताया कि सियाराम सिटी कैब कंपनी के संचालक सतीश कट्टा है। सियाराम सिटी कैब कंपनी में 34 टैक्सी है और 28 चालक काम करते हैं। कंपनी ने चालकों के नाम से पीएफ कार्यालय में भविष्य निधि खाते खुलवा रखे हैं और कंपनी संचालक की तरफ से चालकों के वेतन से हर महीने बारह फीसदी राशि पीएफ के नाम पर काटी जाती रही है। गत तीन साल से पीएफ राशि चालकों के वेतन से काटी जाती रही, लेकिन कंपनी ने भविष्य निधि खातों में यह राशि जमा नहीं कराई और ना ही कंपनी वेतन से काटी गई पीएफ राशि को चालकों को दे रहा है। कंपनी ने खुद का अंशदान भी एक बार भी जमा नहीं कराया। कंपनी प्रबंधन से इस संबंध में शिकायत की गई तो ना तो पीएफ राशि दी और ना ही देने की हामी भर रहे हैं। उलटे कंपनी प्रबंधन ही चालकों को धमका रहा है कि कोई शिकायत की तो हटा देंगे और किसी मामले  में फंसा भी देंगे। करीब दो दर्जन चालक पीएफ राशि के लिए भटक रहे हैं। इस संबंध में जवाहर सर्किल थानाधिकारी को भी परिवाद दिया है, लेकिन पुलिस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करके आरोपियों को बचा रही है। पीएफ कार्यालय प्रशासन ने जरुर कंपनी कार्यालय छापा मारा, लेकिन सूचना मिलने पर कर्मचारी कार्यालय बंद करके भाग गए। पीएफ कार्यालय ने मामले में एक इंस्पेक्टर नियुक्त कर दिया है, जो पूरी मामले की जांच कर रहे हैं। उधर, एसोसिएशन अध्यक्ष महीपाल सिंह ने चेताया है कि पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो एसोसिएशन के चालक  आंदोलन करेंगे और सांगानेर एयरपोर्ट पर सियाराम कैब कंपनी की टैक्सियों को रोकेंगे। क्योंकि इस मामले में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

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