जयपुर। सावन मास में शिव भक्ती का ज्वर पूरे जोरों पर देखने को मिलता है। जहां लाखों की संख्या में भक्त अपने आराध्य शिव की पूजा अर्चना करते हुए शिव रंग में रंगे नजर आते हैं। शिव भक्ति का कुछ ऐसा रंग पुष्कर में भी देखने को मिला। जहां इटली निवासी मारा सांद्री इस बार विशेषतौर पर शिव आराधना के लिए पुष्कर आई।

सांद्री न केवल सोमवार का उपवास रखती है वरन सावन माह के पूरे माह में लहसुन और प्याज का त्याग कर रखा है। सांद्री ने बताया कि करीब 35 साल पहले वह अपनी स्प्रिचुअल विजिट पर भारत आई थीं। जब वे पुष्कर आई तो शिवालय में उसे भगवान शिव की भक्ति का ऐसा रंग चढ़ा, जो आज तक नहीं उतर सका और वे शिव उपासक बन गईं।

-घर पर बनाया मंदिर, होती प्रतिदिन आराधना
सांद्री ने बताया कि शिव की आराधना न केवल भारत और पुष्कर वरन अपने देश में भी नियमित तौर पर पूजा अर्चना करती है। डोमेनिक रिपब्लिक स्थित अपने नए आवास पर सांद्री ने शिव मंदिर का निर्माण कराया है। जहां प्रतिदिन सुबह और शाम को भगवान शिव की पूजा की जाती है। सांद्री ने बताया कि जब से शिव भक्ति के रंग में रंगी हूं। तभी से सावन मास में अपने शिडयूल में कुछ खास बदलाव करती हूं। इस बार भी इसे फॉलो किया है। सावन माह में सोमवार को उपवास रखने के साथ पूरे माह लहसुन व प्याज खाने से परहेज ही रखा है।

-जरुरतमंदों की सेवा करती हैं सांद्री
2003 में सांद्री ने पुष्कर में एक संस्था फ्यिोर दी लोटो फाउंडेशन की स्थापना की। तभी से वे जरुरतमंद लोगों विशेषकर बालिका शिक्षा व उनके स्वास्थ्य को लेकर काम करने में जुटी हुई है। सांद्री ने अब तक 42 गरीब बालिकाओं को स्कूली शिक्षा से जोड़ा तो संस्था के माध्यम से 500 से अधिक बालिकाओं को शिक्षा प्रदान करने में जुटी हुई है। जहां गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता की जरुरत होती है वहां पेंशन प्रदान करने के तौर पर यह काम भी करती है।

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