Seeing the condition of the cancer victim, CM Raje said, "Doing action on private hospitals taking land on concessional rates"

जयपुर। सीएम वसुंधरा राजे ने आज शनिवार को यहां सीएम हाउस में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक कैंसर मरीज की पीड़ा और दशा देखी तो तत्काल ही अफसरों से पीडि़त मरीज की नि:शुल्क इलाज के निर्देश दिए, साथ ही उन निजी अस्पताल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए, जिन्होंने सरकार से रियायती दरों पर जमीन तो ले ली, लेकिन बीस फीसदी मरीजों को नि: शुल्क इलाज नहीं दे पा रहे हैं। सीएम ने ऐसे अस्पतालों की रिपोर्ट मांगी है।

-कैंसर पीड़ित के प्रति दिखाई संवेदनशीलता
भरतपुर से आए कैंसर पीड़ित गरीब रिक्शा चालक शिवकुमार ने मुख्यमंत्री से कहा कि पैसों के अभाव में वह अपना इलाज जारी नहीं रख पा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए कैंसर पीड़ित शिवकुमार का त्वरित इलाज कराने और इलाज के दौरान पूर्ण देखभाल के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को यह निर्देश भी दिए कि राज्य सरकार से जिन निजी अस्पतालों का एमओयू हुआ है और रियायती दरों पर जमीन आवंटन हुआ है फिर भी वे 20 प्रतिशत गरीब मरीजों का इलाज नहीं कर शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं, तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाए।

-भूतपूर्व सैनिकों के प्रकरणों को मिले प्राथमिकता
राजे ने कहा कि राजस्व से जुड़े भूतपूर्व सैनिकों के मामलों में पूरी संवेदनशीलता दिखाई जाए। उन्होंने कहा कि जिलों में जिला कलक्टर तथा अन्य सभी राजस्व अधिकारी भूतपूर्व सैनिकों की सभी शिकायतों और परिवादों को प्राथमिकता से दूर करने के प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं के तहत कई गांवों में निर्माण के बाद अनुपयोगी पड़े जीएलआर ढांचों की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि ढांचों के आसपास से यदि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की पाइप लाइन गुजरती है, तो इन्हें जीएलआर ढांचों से जोड़ा जाना चाहिए ताकि सरकारी पैसे का सदुपयोग हो सके। उन्होंने भरतपुर संभाग के चारों जिलों में ऐसे ढांचों की पहचान कर रिपोर्ट पेश करने को कहा।

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