जयपुर। नोटबंदी के बाद पुराने नोट बैंकों में जमा कराने की मियाद रिजर्व बैंक में खत्म कर दी। फिर भी लोगों का इन पुराने नोटों से मोह नहीं छूट रहा। पुरानी करेंसी जमा कराने की अवधि बीतने के उपरांत पुलिस ने पहली बार शहर में इस मामले में कार्रवाई को अंजाम देते हुए 19 लाख 30 हजार की राशि जब्त की। जिनमें 1300 नोट 1000 रुपए के और शेष 6 लाख 30 हजार रुपए 500 रुपए के नोट में हैं। पुलिस की यह कार्रवाई राजधानी जयपुर के शास्त्रीनगर इलाके में हुई। जहां 3 युवक पुराने नोटों को बदलाने के लिए एजेंट की तलाश में घूम रहे थे। इस कार्रवाई में एटीएफ की भूमिका प्रभावी रही। पुलिस ने बताया कि सूचना मिली कि तीन लोग पुरानी करेंसी को बदलाने के लिए एजेंट की तलाश में घूम रहे। इस पर एटीएफ के जवान बाबूलाल और रामजीलाल ने उनसे संपर्क किया। जहां उन्हें शास्त्री नगर स्थित अग्रवाल केटर्स के पास बुलाया। यहां वे तीनों एक स्विफ्ट कार में सवार होकर निर्धारित स्थल पर पहुंचे। कार को आते देख पहले से तैयार एटीएस ने पुरानी करेंसी के साथ ओमप्रकाश कुमावत को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उसके साथ 2 अन्य लोग भी थे। जो पुलिस को देख भाग छूटे। पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी ओमप्रकाश फल व्यापारी है। पूछताछ में उसने बताया कि समय रहते वह इन नोटों को नहीं बदलवा सका। ना ही उसे बैंक में जमा करा पाया। इसलिए वह अपने 19 लाख 30 हजार रुपए बदलवाने आया था। आरोपी ओमप्रकाश ने उसके दो अन्य साथियों सोनू यादव व अरजित सोनी के भी साथ होने की बात कही। जो पुलिस को देखकर फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को धारा 151 ओर 109 के तहत गिरफ्तार कर लिया। इधर नोटबंदी के बाद रुपया जमा कराने की मियाद खत्म होने की स्थिति में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इन रुपयों को लेने से इंकार कर दिया। ऐसे में अब पुलिस को यह राशि आरबीआई में ही जमा करानी होगी।

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