Modi is ignoring the non-BJP members of the NDA: CP Joshi

जयपुर। राजस्थान की पन्द्रहवीं विधानसभा का पहला सत्र आज से प्रारंभ हो रहा है। प्रोटेम स्पीकर गुलाब चंद कटारिया विधायकों को शपथ दिलाएंगे। उधर, कांग्रेस ने राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष की जिम्मेदारी प्रो.सी.पी.जोशी को सौंपी है। मुख्य सचेतक महेश जोशी और उप मुख्य सचेतक महेन्द्र चौधरी को बनाया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीपी जोशी, महेश जोशी और महेन्द्र चौधरी के नामों को हरी झण्डी दी। सीपी जोशी चार बार के विधायक है। एक बार वे भीलवाड़ा से सांसद रहे और केन्द्रीय मंत्री भी रहे। जोशी राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी है। जोशी वर्ष 2008 में एक मत से वोट हार गए थे। तब उनकी मां और पत्नी वोट देने नहीं गए थे। अगर ये वोट पड़ जाते तो वे चुनाव जीत सकते थे। हालांकि छह महीने बाद हुए लोकसभा चुनाव में वे भीलवाड़ा सीट से सांसद निर्वाचित हुए और डॉ. मनमोहन सिंह सरकार में केबिनेट मंत्री रहे। जोशी लंबे समय तक कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रहे और कई राज्यों का प्रभार संभाला। मुख्य सचेतक डॉ.महेश जोशी दूसरी बार विधायक बने हैं। वे जयपुर शहर से सांसद भी रह चुके हैं। हवामहल से विधायक निर्वाचत महेश जोशी कांग्रेस में कई पदों पर रहे हैं। नावां से दूसरी बार विधायक बने महेन्द्र चौधरी को उप मुख्य सचेतक बनाया है। महेश जोशी और महेन्द्र चौधरी सीएम अशोक गहलोत के करीबी माने जाते हैं। कांग्रेस ने सीपी जोशी और महेश जोशी को विधानसभा अध्यक्ष एवं मुख्य सचेतक बनाकर ब्राह्मण वोट बैंक साधने का प्रयास किया है। वहीं महेन्द्र चौधरी को उप मुख्य सचेतक बनाकर जाट वोट बैंक खासकर नागौर के जाट समाज को लुभावने का प्रयास किया है।

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