जयपुर. राजस्थान में सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर चल रहा आंदोलन अब उग्र रूप में पहुंच गया है। भर्ती प्रक्रिया में अपनी मांगों को लेकर प्रदेशभर के सफाई कर्मचारियों ने शनिवार से सामूहिक अवकाश पर जाकर सफाई कार्य का बहिष्कार शुरू कर दिया। हड़ताल के पहले ही दिन राजधानी जयपुर समेत कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित नजर आई। इस दौरान जयपुर के बड़ी चौपड़ पर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों ने कचरा लेकर जा रहे एक ट्रैक्टर को रोक लिया उसे सड़क पर ही खाली करवा दिया। बड़ी चौपड़ के साथ ही छोटी चौपड़, जौहरी बाजार, राजा पार्क और परकोटे के प्रमुख बाजार में सड़क पर कचरा फैलाकर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ झाड़ू नीचे रखकर विरोध प्रदर्शन किया। संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने बताया कि पिछले कई दिनों से सफाई कर्मचारी शांतिपूर्ण धरना, प्रदर्शन और भूख हड़ताल के माध्यम से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे। इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। इसी कारण आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल भर्ती का मुद्दा नहीं, बल्कि सफाई कर्मचारियों के भविष्य और अधिकारों की लड़ाई है। अगर इस बार मांगों पर निर्णय नहीं हुआ, तो आने वाले समय में सफाई कर्मचारियों के रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने प्रदेशभर के सभी सफाई कर्मचारियों से आंदोलन में एकजुट रहने की अपील की। दरअसल, सफाई कर्मचारी संगठनों की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया में परंपरागत रूप से सफाई कार्य से जुड़े परिवारों को प्राथमिकता दी जाए। इसके अलावा पूर्व भर्ती से जुड़े न्यायालयीन मामलों में पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने, वर्तमान में सफाई कार्य कर रहे कर्मचारियों को प्राथमिकता देने और भर्ती प्रक्रिया को यूनियन के साथ हुए समझौते के अनुसार पूरा करने की मांग भी की जा रही है। संगठनों ने ठेका प्रथा समाप्त कर आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म करने, निकाय कोष से नियमित भुगतान सुनिश्चित करने, भर्ती प्रक्रिया में तीन गुना लॉटरी प्रणाली लागू करने और चयनित कर्मचारियों को दो वर्ष की सेवा के बाद स्थायी करने की मांग भी सरकार के सामने रखी है। हड़ताल के पहले दिन ही जयपुर सहित कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी। कई स्थानों पर कचरा समय पर नहीं उठ सका, जिससे सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी नजर आई। ऐसे में अगर सरकार और सफाई कर्मचारी संगठनों के बीच जल्द सहमति नहीं बनती है। तो आने वाले दिनों में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

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