नयी दिल्ली. पीएनबी घोटाला मामले में सख्त कदम उठाते हुए सरकार ने आज गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) को करीब 110 कंपनियों तथा 10 सीमित जवाबदेही भागीदारी कंपनियों की जांच करने के आदेश दिए।सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि ये कंपनियां और सीमित जवाबदेही भागीदारी कंपनियां हीरा व्यापारी नीरव मोदी और उसके कारोबारी सहयोगी मेहुल चोकसी से संबंधित हैं। नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ 11,400 करोड़ रूपये के पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में जांच चल रही है।

दोनों ही कारोबारी बैंकिंग उद्योग के सबसे बड़े घोटालों में से एक, इस घोटाले में मुख्य आरोपी हैं और कई जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक कारपोरेट मामलों के मंत्रालय ने एसएफआईओ को मोदी तथा चोकसी से जुड़ी, कुछ सूचिबद्ध कंपनियों सहित करीब 110 कंपनियों और 10 एलएलपी की जांच के आदेश दिए हैं।

एसएफआईओ कारपोरेट मामलों के मंत्रालय के अधीन आता है। वह मुख्य रूप से सफेदपोश अपराधों की जांच करता है और उसके पास गिरफ्तारी के अधिकार भी हैं। इस बीच अरबपति हीरा ​कारोबारी नीरव मोदी व उसके मामा मेहुल चोकसी के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने आज 22 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण जब्त किए हैं। वहीं आयकर विभाग ने सात संपत्तियों को कुर्क किया है तो सीबीआई ने उसकी कंपनी के चार वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की।

केंद्रीय सतर्कता आयुक्त के वी चौधरी ने 11,400 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में पीएनबी व वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। प्रवर्तन निदेशालय के मुखिया कर्नल सिंह भी पीएनबी धोखाधड़ी मामले में मनी लांड्रिंग निरोधक जांच के सिलसिले में मुंबई गए है जो कि इसी एजेंसी की विशेष टीम कर रही है। इस मामले में अब जब्त किए गए रत्न व आभूषणों का कुल मूल्य 5,671 करोड़ रुपये है।

मामले की अनेक एजेंसियों द्वारा जांच के बीच आयकर विभाग ने आज मुंबई में गी​तांजलि समूह व इसके प्रवर्तक मेहुल चोकसी की सात संपत्तिया जब्त की।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) तथा प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में करीब 11,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को लेकर अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी और आभूषण कंपनी के खिलाफ शिकायतों के बाद जांच शुरू की है।

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