नई दिल्ली। कुछ वर्ष पूर्व पाकिस्तान में श्रीलंका की टीम पर हुए आतंकवादी हमले के बाद से पाकिस्तान में अब तक किसी विदेशी टीम ने दौरा नहीं किया है। हां एक जिम्बावे ने जरूर एक श्रृंखला खेलने के लिए पाक का दौरा किया था मगर उसके अलावा किसी विदेशी टीम ने पाक का दौरा नहीं किया। जिस कारण पाकिस्तान के घरेलू दर्शकों को अपनी टीम का मैच देखना नसीब नहीं हो रहा था। आतंकवाद के डर से कोई भी विदेशी टीम पाकिस्तान आने से कतरा रही है। इसका असर पाक की घरेलू क्रिकेट पर भी पड़ रहा है। अब एक खुशी की खबर आई है कि पाकिस्तान में आज वर्ल्ड इलेवन और पाकिस्तान के बीच एक मैच होगा जिसका वहां के लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। लगता है कि आतंकवाद एक बार फिर खेल से हार गया है। पाकिस्तान में एक बार फिर क्रिकेट लौट रही है। वर्ल्ड इलेवन और पाकिस्तान के बीच पहला टी-20 मुकाबला आज खेला जाना है। जहां खिलाड़ियों की सुरक्षा किसी विदेशी राष्ट्रपति की तरह की जा रही है, वहीं फैंस के बीच जश्न जैसा माहौल है। उम्मीद की जा रही है कि इसके बाद विदेशी टीमें भी यहां का दौरा करेंगी।

हालांकि, इन सबके बीच पाकिस्तान को एक बात जरूर खटक रही होगी। वो ये कि वर्ल्ड इलेवन में एक भी भारतीय शामिल नहीं है। इसका दर्द पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी के ट्वीट में भी झलका। जिसमें उन्होंने कहा था- वर्ल्ड इलेवन के साथ क्रिकेट का पाकिस्तान में लौटना शानदार है, लेकिन इसमें अगर भारतीय खिलाड़ी होते तो और अच्छा होता। पाक में क्रिकेट तब से इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेली गई, जब 3 मार्च 2009 को श्रीलंका टीम पर आतंकी हमला किया गया। यह तब हुआ लब टीम लाहौर में गद्दाफी स्टेडियम जा रही थी। तभी घात लगाकर बैठे लश्कर-ए-झांगवी के 12-15 आतंकियों ने लिबर्टी चौक पर हमला कर दिया टीम पर हमला कर दिया। बस ड्राइवर मोहम्मद खलील ने किसी तरह टीम को स्टेडियम पहुंचाने में सफल रहा। कुमार संगकारा, थरंगा परनाविताना,चामिंडा वास, महेला जयवर्द्धने और सुरंग लकमल चोटिल हो गए थे। इसके बाद से किसी टीम ने दौरा नहीं किया था।

आईसीसी चेयरमैन शशांक मनोहर ने कहा- यह विश्व क्रिकेट के लिए अच्छा दिन है, क्योंकि पीसीबी लाहौर में विश्व एकादश की मेजबानी करेगा। यह लंबी और मुश्किल यात्रा रही क्योंकि पीसीबी, पाकिस्तानी खिलाड़ियों और प्रशंसकों को अपने देश में मैचों के आयोजन, खेलने और देखने का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा, पाकिस्तान में दीर्घकाल में खेल की हालत के लिए स्वदेश में पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने की क्षमता महत्वपूर्ण है।

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