-दी स्टेट आॅफ दी स्टेट राजस्थान काॅन्क्लेव
जयपुर। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि हमारा सपना राजस्थान को आधारभूत ढांचे, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्रों में देश का प्रथम राज्य बनाना है। यह एक व्यक्ति या मुख्यमंत्री से सम्भव नहीं हो सकेगा बल्कि इसके लिए सबको मिलकर 10 साल के रोडमैप पर चलते हुए हकीकत में लाना होगा।

राजे होटल क्लाक्र्स आमेर में इंडिया टुडे समूह की ओर से आयोजित दी स्टेट दी आॅफ स्टेट काॅन्क्लेव को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि राजस्थान को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का यह सपना एक व्यक्ति का नहीं, सभी राजस्थानियों का है। इसे पूरा करने के लिए हम सबको कड़ी मेहनत करनी होगी। उन्होंने कहा कि पिछले साढे़ तीन साल में हमारी सरकार ने ठोस और सधे हुए फैसलों से हमने एक खुशहाल राजस्थान की ओर मजबूत कदम उठाए हैं। टीम राजस्थान ने तमाम कठिनाइयों के बावजूद राज्य की तस्वीर बदलने का काम किया है।
केन्द्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री पीयूष गोयल ने राज्य की बिजली कंपनियों के प्रबन्धन में मुख्यमंत्री राजे के प्रयासों की प्रशंसा की। वे राज्य की जनता के हितों के लिए संवेदनशील और दृढ निश्चयी नेता हैं। गोयल ने कहा कि राज्य की बिजली कंपनियां तीन वर्ष पहले 15 हजार करोड़ रुपये वार्षिक के घाटे में चल रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री के दूरदर्शी प्रबन्धन का परिणाम है कि अब इन कंपनियों का घाटा अब एक तिहाई ही रह गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी वित्त वर्ष में ये विद्युत कंपनियां घाटे से उबरकर लाभ कमाने लगेंगी। उन्होंने राजस्थान में ऊर्जा क्षेत्र के विकास की असीम संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य में सोलर सेक्टर में ही इतनी बिजली पैदा हो सकती है कि इससे वर्ष 2030 में देश में चलने वाली सभी इलेक्ट्रिक कारों को संचालित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल जनवरी में मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के रूप में हमने राजस्थान की सदियों से चली आ रही पानी की समस्या को दूर करने की अभूतपूर्व पहल की। व्यापक जनभागीदारी से शुरू हुए इस अभियान के पहले चरण में ही करीब 3500 से अधिक गांवों और 42 लाख से अधिक लोगों की सालभर की पेयजल और सिंचाई की समस्या दूर हो गई। कई क्षेत्रों में भूजल स्तर बढ़ा है और इस वर्ष पाली तथा भीलवाड़ा जिलों में ट्रेन से पेयजल आपूर्ति की आवश्यकता नहीं पड़ी। राजे ने कहा कि हमने लीकेज दूर करने के लिए न केवल तकनीक का सहारा लिया बल्कि इसके उपयोग से पारदर्शिता लाने में भी हम देश के अव्वल राज्य बनें। इसके लिए शुरू की गई भामाशाह योजना आज सर्विस डिलीवरी की ’बैकबोन’ बन चुकी है। इसी प्लेटफाॅर्म के माध्यम से प्रदेश के करीब 4 करोड़ लोगों को कैशलेस ट्रीटमेंट के लिए मेडिकल इंश्योरेन्स कवर दिया जा रहा है। वहीं बायोमैट्रिक पहचान के जरिये प्रदेश में हर माह 1 करोड़ से अधिक परिवारों को उनका राशन का हक मिलना सुनिश्चित हुआ है।

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