-बाल मुकुंद ओझा
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम ग्रामीण और सामुदायिक केंद्रित पर्यटन है। भारत में सामुदायिक आधारित ग्रामीण पर्यटन के विकास की प्रबल और व्यापक संभावनाएं हैं। महात्मा गाँधी ने कहा था भारत की आत्मा गांवों में बसती है। दर्शनीय सुंदरता, प्रदूषण मुक्त माहौल, प्रकृति से लगाव, उन्मुक्त और निश्छल जनजीवन रहन-सहन, खान-पान पर्यटकों को सहज ही आकर्षित करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे संसाधनों की कमी नहीं है, जो पर्यटन उत्पादों को प्रेरित करते हैं। लोकगीत, नृत्य और नाटक, शिल्पकारी वस्तुएं, हस्तशिल्प उत्पाद और विभिन्न प्रकार के व्यवसाय जैसे कुंभकारी, हथकरघा, ईंट बनाना, मुर्गीपालन और मवेशी पालन, कृषि प्रबंधन पद्धतियां आदि ऐसी बातें हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित कर सकती हैं।
पर्यटन आज देश और दुनिया का सबसे बड़ा उद्योग बन गया है। भारत की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर, उसे पर्यटन की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण क्षेत्र बनाती है। आज भारत विभिन्न श्रेणी के पर्यटन के लिए जाना जाता है, जैसे कि साहसिक पर्यटन, चिकिसा पर्यटन, पारिस्थितिकी पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन आदि। राष्ट्रीय पर्यटन दिवस को मनाने का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना है। पर्यटन देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण आय उत्पादक है। देश की सभ्यता, संस्कृति, सामाजिक, राजनीतिक तथा आर्थिक मूल्यों को बढ़ाता है और उनका आदान-प्रदान करता है। पर्यटन के माध्यम से ही लोगो को एक दूसरे को समझने की समझ बढ़ती है। भारत के पर्यटन से लगभग 7.7 प्रतिशत लोग अपनी आजीविका चला रहे हैं। पर्यटन उन क्षेत्रों में शामिल है जिन्हें महामारी के दौर सबसे ज्यादा झटका लगा। कोरोना के चलते हजारों लाखों लोगों का रोजगार अवरुद्ध हुआ है। इस क्षेत्र से जुड़े लाखों लोगों को बेकारी झेलनी पड़ी। कोरोना महामारी के कड़े यात्रा प्रतिबंधों और आवाजाही की सीमाओं ने पूरे पर्यटन और आतिथ्य उद्योग को भारी नुकसान पहुंचाया है। भारत विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्यवर्धक स्थलों में से एक है। विश्व पर्यटन संगठन ने भारतीय पर्यटन को सर्वाधिक तेजी से विकसित हो रहे उद्योग के रूप में घोषित किया है। पर्यटन देश का तीसरा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा अर्जित करने वाला उद्योग है। देश की कुल श्रम शक्ति में से 6 प्रतिशत को पर्यटन में रोजगार मिला हुआ है। पर्यटन उद्योग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। भारत के विशाल तथा तटीय क्षेत्र, अछूते वन, शान्त द्वीप समूह, वास्तुकला की प्राचीन, ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक परम्परा, रंगमंच तथा कलाकेन्द्र पश्चिम के पर्यटकों के लिए आकर्षण के
केन्द्र हैं। विदेशी पर्यटकों के प्रति आत्मीयता दर्शाने के लिए सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम अतिथि देवो भव शुरू किया गया है।
भारत एक ऐसा देश हैं जहां एक से बढ़कर एक प्राकृतिक परिदृश्य देखने को मिलते हैं। यहां आकर आप ऐसी घाटियों और गांवों की सैर कर सकते हैं जिसे अब तक ज्यादा एक्सप्लोर नहीं किया गया है। पर्यटन की दृष्टि से भारत विश्व का एक अजब गजब देश है जहाँ समुद्र से लेकर जंगल और बर्फ से लेकर रेगिस्तान तक देखने को मिल जायेंगे। हरे-भरे घास के मैदान और पथरीली जमीन भी आपको यहीं मिल जाएगी। पर्यटन की दृष्टि से भारत में घूमने लायक कई ऐसी जगहें हैं जो अपनी खूबसूरती से आपका मन मोह लेंगी। देश की शान ताजमहल, कश्मीर, कन्या कुमारी, गोवा, केरल, जयपुर, दिल्ली, दार्जीलिंग, उत्तराखंड का पहाड़ी क्षेत्र आदि मंत्रमुग्ध करने वाले स्थल इसी देश में है। इंडिया गेट, हुमायूँ का मकबरा, कुतुब मीनार, बुलंद दरवाजा, लाल किला आगरा, चारमीनार, गेटवे ऑफ इंडिया, लोटस टैंपल, खजुराहो, साँची, हम्पी, अजंता की गुफाएं, एलोरा की गुफाएं उदयगिरि गुफाएँ इलौरा आदि देश के पर्यटन क्षेत्र बरबस आपको अपनी और खिंच लेते है। विविधता और प्राकृतिक सुन्दरता से भारत पर्यटन के लिए हर किसी की पसंदीदा जगह हैं। देश के पहाड़ी क्षेत्र गर्मियों के रिसॉर्ट्स बने रहते हैं। इनमें पचमढ़ी, अरकु, गुलमर्ग, श्रीनगर, लद्दाख, दार्जिलिंग, मुन्नार, ऊटी और कोडाइकनाल, शिलांग, शिमला, कुल्लू, मसूरी, देहरादून नैनीताल, गंगटोक आदि प्रमुख है।
हमारे गाँव देश की सभ्यता, संस्कृति और परम्पराओं का खजाना हैं। भारत की विरासत ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बिखरी पड़ी है जिन्हें संरक्षित सहेजना चुनौतीपूर्ण है। देश के ग्रामीण अंचलों में ऐतिहासिक सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासतों की भरमार है। विरासतों की सार संभाल के साथ इन्हें ग्रामीण पर्यटन से जोड़ दिया जाए तो ना केवल क्षेत्र का समुचित विकास हो सकेगा। वहीं इन विरासतों को नए मायने मिलने से बड़ा पर्यटन सर्किट विकसित हो सकता है। जिससे क्षेत्र की कायापलट हो सकती है। इससे एक तरफ जहाँ हमारी अमूल्य विरासत संरक्षित होगी वहां दो हाथों को रोजगार मिलेगा।

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