sanyam lodha
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सिरोही। पूर्व विधायक संयम लोढा ने आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार ग्रामीण विकास के तहत गरीब पिछडे लोगों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के मामले में पूरी तरह विफल साबित हो रही हैं । अनुसूचित जाति – जनजाति एवं बीपीएल परिवार के उत्थान के लिए संचालित पोप योजना, स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले का खुले में शौच मुक्त घोषित होने के बावजूद सैकडो परिवारों को भुगतान नही होने, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मजदूरी भुगतान के प्रति उदासीनता एवं भीषण गर्मी में रोजगार को लेकर जिले के लोग पूरी तरह परेशान हैं। लोढा ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि पोप योजना में जिले को वर्ष 2017-18 में दिये गये लक्ष्य 408 के विरूद्ध केवल 18 व्यक्तियों को लाभ मिला हैं ।

राष्ट्रीय रोजगार गांरटी योजना में जिले में 80085 सक्रिय जाॅबकार्ड धारी हैं जिनमें से मात्र 11350 व्यक्तियों को वर्तमान में रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा हैं जो सरकार का इस योजना के प्रति नकारात्मक रवैया उजागर करता हैं । प्रतिवर्ष अप्रैल मई में भारी तादाद मे लोगो को रोजगार की आवश्यकता रहती हैं । हाल ही में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वच्छ ग्राम योजना भी बंद कर दी हैं । जिससे सफाई की हालत बद से बदत्तर हो गई हैं । मोदी एवं वसुन्धरा सरकार द्वारा ग्रामीण विकास को लेकर कांग्रेस शासन मे चल रही पिछडा क्षेत्र विकास कोष एवं निर्बन्ध राशि योजनाओं को बंद करने से पंचायतो की आर्थिक स्थिति बिगड गई हैं । इन योजनाओं में प्राप्त होने वाली धनराशि से गांवो मे न केवल विकास के कार्य होते थे बल्कि जनप्रतिनिधियों के वेतन भत्तो को भी भुगतान किया जाता था । पिछले वर्ष राज्य सरकार द्वारा लगाये गये पंचायत सहायको का मानदेय भी राज्य वित आयोग को प्राप्त धनराशि से दिये जाने वाले फैसले ने पंचायत राज की संस्थाओ को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया ।

पंचायत समिति वार आवंटित लक्ष्य सिरोही को 120 के एवज में कुल प्राप्त आवेदन 41 मे से 7 की स्वीकृति जारी की । जिसमे से 4 व्यक्तियों के आवेदन बैक द्वारा वापस लौटा दिये, इस तरह केवल 3 व्यक्तियों को ही इस योजना के तहत लाभान्वित किया गया । इसी तरह शिवगंज मे लक्ष्य 52 के विरूद्ध 31 ने आवेदन किया जिसमें से 7 की स्वीकृति हुई तथा 4 बैंक द्वारा वापस लौटाये, रेवदर मे 156 के लक्ष्य के विरूद्ध 38 ने आवेदन किया जिसमें से 13 की स्वीकृति जारी की गई और बैंक द्वारा 8 को वापस लौटा दिया । पिण्डवाडा मे लक्ष्य 60 के विरूद्ध 38 व्यक्तियों ने आवेदन किये तथा 17 की स्वीकृति जारी की जिसमे से 10 को बैंक द्वारा वापस लौटाया गया । आबूरोड में 20 के लक्ष्य के विरूद्ध में 6 व्यक्तियों ने आवेदन किये जिसमे से किसी की भी स्वीकृति जारी नही की गई हैं।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को आवंटित लक्ष्य के अनुसार वर्ष 2017-18 में सम्पूर्ण 162 ग्राम पंचायतों को शत-प्रतिशत शौचालय निर्माण की घोषणा के साथ खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया हैं । लेकिन अभी भी आबूरोड पंचायत समिति में 694, रेवदर में 6345, पिण्डवाडा में 1733, शिवगंज में 282 एवं सिरोही में 307 लाभार्थियों को शौचालय का भुगतान नही हुआ हैं । बेस लाईन सर्वे 2012 में वंछित परिवार जिन्हे पंचायत समिति द्वारा आॅफलाईन स्वीकृति जारी की गई थी । ऐसे सिरोही में 160, शिवगंज में 450, पिण्डवाडा 750, आबूरोड में 150 व रेवदर में 599 जो कुल 2109 परिवार हैं को शौचालय निर्माण करने के बावजूद राज्य सरकार द्वारा भुगतान नही किया जा रहा हैं ।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले को वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में आवंटित कुल लक्ष्य के विरूद्ध 14199 व्यक्तियों के आवास स्वीकृत किये गये जिसमें से आबूरोड में 2090, पिण्डवाडा में 2067, रेवदर में 960, शिवगंज में 1167 एवं सिरोही में 794 व्यक्तियों के कुल 7078 आवास पूर्ण करने का दावा किया गया हैं लेकिन इनमें लाभार्थी व्यक्तियों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गांरटी के तहत मिलने वाले 90 दिन के मजदूरी पूर्ण भुगतान 4655 को नही किया गया हैं । इस तरह यह आंकडे यह दर्शाते हैं कि सरकार गरीबों को मिलने वाले लाभ के प्रति पूरी तरह लापरवाह हैं । जिले में वर्ष 2011-12 से 2015-16 तक इन्दिरा आवास एवं मुख्यमंत्री ग्रामीण बीपीएल आवास के 1794 व्यक्तियों को इसके लाभ से वंछित किये हुये हैं ।

आबूरोड में इन्द्रिरा आवास के 349, पिण्डवाडा में 218, रेवदर में 204, शिवगंज में 13 एवं सिरोही में 20 तथा मुख्यमंत्री बीपीएल आवास के आबूरोड में 387, पिण्डवाडा 296, रेवदर में 245 शिवगंज में 22, सिरोही में 40 ऐसे परिवार हैं जिन्हे आज भी सरकार आवास उपलब्ध नही करवा सकी हैं ।
आबूरोड पंचायत समिति की ग्राम पंचायत आमथला में स्वीकृत 72 में से 26 को, आवल में 174 मे से 47, उपलाखेजडा में 109 मे से 30, उपलागढ 91 मे से 39, ओर मे 104 मे से 44, ओरिया मे 9 मे से 3, क्यारिया मे 161 मे से 52, किवरली मे 27 मे से 9, खडात में 153 मे से 29, गणका में 118 मे से 78, गिरवर मे 166 मे से 73, चन्डेला मे 168 मे से 113, चनार मे 110 मे से 21, जाम्बुडी मे 159 मे से 102, जायदरा 116 मे से 40, तलेटी मे 139 मे से 65, देलदर मे 89 मे से 33, दायतरा मे 167 मे से 70, धामसरा मे 125 मे से 50, निचलागढ मे 73 मे से 40, पाबा मे 111 मे से 51, बहादूरपुरा मे 148 मे से 90, भैसासिंह 107 मे से 46, मूगथला में 188 मे से 70, मुदरला मे 131 मे से 65, मावल मे 19 मे से 3, मोरथला मे 18 मे से 3, वासडा मे 129 मे 45, सुरपगला मे 205 मे से 54, सातपुर में 21 मे से 9 एवं सियावा में 167 मे से 61 लाभान्वित व्यक्तियों को मजदूरी का भुगतान नही हुआ हैं ।
पिण्डवाडा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत अचपुरा मे स्वीकृत 137 मे से 20, अंजारी मे 184 मे से 19, आदर्श मे 56 मे से 6, आमली मे 111 मे से 30, ईसरा मे 153 मे से 23, उन्दरा मे 106 मे से 15, काछोली मे 24 मे से 4, कोजरा मे 52 मे से 3, घरट मे 269 मे से 49, जनापुर मे 71 मे से 22, झाडोली मे 42 मे से 11, ठण्डीवेरी मे 147 मे से 37, तेलपुर मे 165 मे से 33, धनारी मे 35 मे से 9, नादिया मे 74 मे से 16, नितौडा मे 67 मे से 22, पंचदेवल मे 119 मे से 3, पेशुआ मे 35 मे से 8, बसन्तगढ मे 117 मे से 28, भूला मे 215 मे से 55, भारजा मे 145 मे से 32, भावरी मे 48 मे से 13, भीमाना मे 90 मे से 17, मांडवाडा खालसा में 263 मे से 42, मांडवाडा देवस्थान मे 133 मे से 56, मोरस मे 170 मे से 14, रामपुरा मे 61 मे से 11, रोहिडा मे 140 मे से 10, लोटाना मे 168 मे से 42, वरली मे 252 मे से 75, वाटेरा में 72 मे से 47, वालोरिया मे 239 मे से 28, वासा में 93 मे से 10, वीरवाडा में 45 मे से 19, सनवाडा में 64 मे से 26, सिवेरा मे 74 मे से 30 लाभान्वित व्यक्तियों को मजदूरी का भुगतान नही हुआ हैं ।

 

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