जयपुर। भाजपा के वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी और राजस्थान की भाजपा सरकार के बीच टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार के मंत्री व नेता तिवाड़ी पर कई तरह के आरोप लगा रहे हैं तो तिवाड़ी भी सरकार और उनके मंत्रियों पर सीधा वार करके कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। तिवाड़ी पर सीधे हमले का दायित्व अभी अन्तराज्यीय जल विवाद निराकरण समिति के अध्यक्ष रोहिताश्व कुमार शर्मा ने संभाल रखा है।
शर्मा ने आज फिर एक बयान में तिवाड़ी के पुत्रों के कानूनी नोटिस पर कहा कि घनश्याम तिवाड़ी बे-सिर पैर की नित नई बातें कर लोगों का ध्यान बांट रहे हैं। वे यह बताएं कि उनके पास अलादीन का ऐसा कौनसा चिराग आ गया, जिससे बेहद गरीब परिवार में जन्में तिवाड़ी अचानक अरबपति बन गये?उन्होंने सैंकड़ों बीघा जमीन अनेक कम्पनियों के नाम से खरीदी है, जिनके निदेशक उनके पुत्र-पुत्री है। इन कम्पनियों का पता भी तिवाड़ी के आलीशान आवास का ही है। इनके पास अनेक लग्जरी गाडिय़ां हैं। इनका खुलासा करें कि इनको प्राप्त करने के लिए इनके पास आय का स्त्रोत क्या था ? शर्मा ने यह भी कहा की क्यों न इनकी बेनामी सम्पत्तियों और बोगस कम्पनियों की जांच सीबीआई से करवाई जाये। एसीबी और ईडी में इनके विरूद्ध मुकदमा दर्ज करवाया जाये।
तिवाड़ी और उनके पुत्र इनके विरूद्ध सही बात कहने वाले को कानूनी कार्यवाही की धमकी देकर दबाना चाहते हैं. हम इनसे डरने वाले नहीं है। उल्टा चोर कोतवाल को डांटने का प्रयास नहीं करें.अगर तिवाड़ी व उनके पुत्रों के पास मेरे सवालों का कोई जवाब हो तो साक्ष्यों सहित इनका खण्डन करें अन्यथा नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए जनता से माफ ी मांगे और तिवाड़ी अपने पद से इस्तीफ ा दे। इधर-उधर की बातें कर मुद्दे से नहीं भागे। जरूरत पड़ी तो तिवाडी द्वारा किये गये पद के दुरूपयोग एवं अर्जित बेनामी सम्पत्ति के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जायेगी।

































