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जयपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी ने कहा है कि भरतपुर जिले के किसानों को पानी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने गुड़गांव मुख्य नहर के कुछ हिस्से, पहाड़ी वितरिका एवं डीग एस्केप चैनल का जीर्णोद्धार करवाया है। इससे डीग व कामां में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है और पहाड़ी तहसील में सिंचाई सुविधा में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि गुडगांव कैनाल की वितरिका एवं 23 माइनर के पुनरूद्धार के लिए प्रस्ताव स्वीकृत कर निविदाएं आमंत्रित कर ली गई हैं।

इस कार्य के पूरा होने पर 16 हजार हैक्टेयर सिंचित क्षेत्र में जलापूर्ति सुचारू हो सकेगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि भरतपुर सहित राजस्थान के 13 जिलों को पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) की व्यवहार्यता रिपोर्ट को केन्द्रीय जल आयोग से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है और 37 हजार करोड़ रुपये लागत की इस परियोजना की डीपीआर का परीक्षण अंतिम चरण में है।

चतुर्वेदी ने कहा कि राज्य सरकार भरतपुर जिले को ओखला बैराज से आवंटित यमुना जल का पूरा हिस्सा दिलाने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के नेतृत्व में पिछले साढे़ चार साल में केन्द्र सरकार, केन्द्रीय जल आयोग एवं अन्तर्राज्यीय बैठकों में राजस्थान को उसके हिस्से का यमुना का पानी उपलब्ध कराने के लिए बार-बार पुरजोर पैरवी की गई है। सरकार ने अपर यमुना रिवर बोर्ड सहित विभिन्न बैठकों में हरियाणा राज्य की सीमा में राजस्थान के हिस्से के पानी की चोरी रोकने का मुद्दा भी प्रभावी ढंग से उठाया है।

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