The Rajasthan Assembly's election front has been laid. Since the BJP government is telling people and activists their glorious actions from Gaurav Yatra, Congress is also engaged in exposing the failures of the BJP government through the resolution rally.

भाजपा के वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी की पार्टी भारत वाहिनी पार्टी प्रदेश की सभी दो सौ सीटों पर सहयोगी दलों के साथ चुनाव लड़ेगी। पार्टी गठन के बाद जिस तेजी से पार्टी ने जिला, मण्डल व वार्ड स्तर पर कार्यकारिणी बनाई। युवा व महिला वाहिनी खड़ी कर दी है। भारत वाहिनी में 99 फीसदी कार्यकर्ता व पदाधिकारी भाजपा से ही है या यह कहे कि पार्टी से नाराज कार्यकतार्ओं का बड़ा समूह इससे जुड़ा हुआ है। वे चुनावी तैयारियों में लग भी गए हैं। ऐसे में तय है कि भारत वाहिनी भाजपा को चुनाव में कड़ी टक्कर दे सकती है। सबसे रोचक मुकालबा जयपुर जिले में होगा, जहां पार्टी अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी सांगानेर सीट से चुनाव लड?े की घोषणा कर चुके हैं और दूसरी सीटों पर भी पार्टी ने अंदरखाने प्रत्याशियों को चुनावी समर में उतरने की अनुमति दे दी है। वे चुनाव प्रचार में लग भी गए हैं, जिनमें कुछ तो भाजपा के बड़े पदाधिकारी रहे हैं। भारत वाहिनी की तैयारियों से भाजपा को ही ज्यादा नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। वैसे पार्टी फिलहाल कुछ ही सीटों पर ही दमदार दिख रही है, लेकिन जिस तेजी से भाजपा से ही टूटकर कार्यकर्ता व जनता इस पार्टी से जुड़ रहे हैं, वे भाजपा को ज्यादा नुकसान पहुंचाएंगे। जयपुर जिले में भारत वाहिनी पार्टी की तैयारियों व मजबूती दावेदारी को लेकर जनप्रहरी एक्सप्रेस की रिपोर्ट…
-राकेश कुमार शर्मा
जयपुर। राजस्थान विधानसभा की चुनावी चौसर बिछ चुकी है। भाजपा सरकार गौरव यात्रा से जनता और कार्यकतार्ओं को अपने गौरवशाली कार्यों को बता रही है तो कांग्रेस भी संकल्प रैली के माध्यम से भाजपा सरकार की नाकामियों को उजागर करने में लगी हुई है। भाजपा-कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व दूसरे बड़े नेता भी दौरे करके कार्यकतार्ओं में जोश भरने का काम कर रहे हैं। दोनों ही दलों के कार्यक्रमों व रैलियों में हजारों लोगों उमड़ रहे हैं, जिससे लगता है कि इस बार के चुनाव में भाजपा व कांग्रेस में सीधी टक्कर रहेगी। हां कुछ जिलों में भाजपा से अलग होकर भारत वाहिनी पार्टी बनने वाले घनश्याम तिवाड़ी, निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल, बसपा, आम आदमी पार्टी का अपना मजबूत नेटवर्क और वजूद है, जिनकी सभाओं व रैलियों में भी भाजपा-कांग्रेस से कम लोग नहीं आ रहे हैं। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में विधानसभा चुनाव की तारीख घोषित हो जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश में चुनावी संग्राम तेज हो जाएगा। हालांकि विधायक व चुनाव लड?े के इच्छुक उम्मीदवार अपने अपने क्षेत्रों में खम ठोके हुए हैं। इस बार भाजपा व कांग्रेस को जयपुर में भारत वाहिनी पार्टी से कड़ी टक्कर मिलेगी। जयपुर जिले की जयपुर शहर व ग्रामीण के अलावा 19 विधानसभाओं, मण्डल स्तर पर कार्यकारिणी बन चुकी है। जल्द ही वार्ड व बूथ स्तर की कार्यकारिणी की घोषणा कर दी जाएगी। यहीं नहीं पार्टी ने विधानसभावार मुद्दों को उठाना शुरू कर दिया है। रोजगारेश्वर महादेव मंदिर समेत अन्य मंदिरों को ध्वस्त करने के मामले में सर्वाधिक विरोध भारत वाहिनी पार्टी (तब दीनदयाल वाहिनी) के कार्यकतार्ओं और धरोहर बचाओ समिति राजस्थान, शिवसेना ने जताया। विरोध भी ऐसा की बैकफुट पर चल रहे आरएसएस को भी विरोध में उतरना पड़ा और मंदिर तोड?े के विरोध में दो घंटे का जयपुर बंद करके प्रदर्शन किया। भाजपा को झुकना पड़ा और दुबारा रोजगारेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना पहले वाले स्थान पर करनी पड़ी। मंदिरों को तोड?े को लेकर आज भी जयपुर की जनता में गहरा गुस्सा है, जिसे लेकर चारदीवारी के विधायक व पार्षदों को कई बार नाराजगी झेलनी पड़ चुकी है। इस मुद्दे पर आज भी सियासत गरम है। कांग्रेस तो हमले करती रहती है, साथ ही भारत वाहिनी के कार्यकर्ता और धरोहर बचाओ समिति राजस्थान के संरक्षक भारत शर्मा मामले को ठण्डा नहीं होने दे रहे हैं। हिंगोनिया गौशाला में सैकड़ों गायों की मौत का मामला हो या परकोटे में मेट्रो से आमजन को हो रहे यातायात की परेशानी या फिर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में हो रहे गलत व भ्रष्ट कार्यों को लेकर भी भारत वाहिनी स्थानीय व्यापार मण्डलों व नागरिक संगठनों के साथ विरोध प्रदर्शन करती रही है। छोटे-छोटे मुद्दों को लेकर जिस तरह पार्टी शासन-प्रशासन पर विरोध जता रही है, उससे जनता में पार्टी की पैठ बढ़ रही है। पार्टी की यह पैठ ही है कि जयपुर में हुए हर सम्मेलन में हजारों कार्यकर्ता शरीक हुए। हाल ही परकोटे में निकाली गई वाहन रैली में करीब एक हजार से अधिक चौपहिया व दुपहिया वाहनों में हजारों कार्यकर्ता पार्टी के झण्ड़े लेकर निकले। वो भी बारिश के बीच में। स्थानीय नेता व प्रत्याशी तो पार्टी की मजबूत व संगठन को बढ़ाने में लगे हुए हैं, वहीं पार्टी के अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी भी जयपुर समेत पूरे प्रदेश में सभाएं कर रहे हैं। सांगानेर से चुनाव लड?े की घोषणा करके भाजपा को सीधी चुनौती दी है घनश्याम तिवाड़ी ने। जिस तरह से हजारों कार्यकर्ता सम्मेलन में आए उससे लगता है कि सांगानेर में तिवाड़ी का पलड़ा भारी रहेगा। क्योंकि सांगानेर में फिलहाल भाजपा के पास तिवाड़ी को चुनौती देने वाला कद्दावर ब्राह्मण नेता नहीं है। हालांकि दावेदार खूब है। महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा, मेयर अशोक लाहोटी, पार्षद विष्णु लाठा, ब्रजेश लाठा, शंकर शर्मा जैसे कई नेता टिकट की दौड़ में है। इस सीट की कमान तिवाड़ी के पुत्र अखिलेश तिवाड़ी संभाले हुए हैं।
यादव वोट बैंक में सेंध के लिए बड़ा दांव
अलवर जिले में यादव समाज की बहुतायत को देखते हुए पार्टी इस वोट बैंक में सेंध लगाने में लगे हुए है। बीजेपी व कांग्रेस समर्थक इस वोट बैंक के युवा नेताओं पर पार्टी की नजर है। चर्चा है कि पार्टी के प्रति यादव समाज का रुझान बढ़ाने के लिए कॉमेडियन कलाकार राजपाल सिंह यादव की पार्टी से गठजोड की बात चल रही है। राजपाल यादव के कोटपूतली या अलवर की यादव बहुल से चुनाव लडने की मंशा है। ऐसे में भारत वाहिनी उन्हें समर्थन दे सकती है और दूसरी सीटों पर उनकी पार्टी से गठजोड कर सकती है। वैसे भी राजपाल यादव को हर कोई जानता है। यूपी की कई सीटों पर वे जमानत बचाने में सफल रहे है। इसी तरह पार्टी निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल, राजपा व दूसरे सहयोगी दलों के भी संपर्क में है। हनुमान बेनीवाल जयपुर में बड़ी सभा करके नए दल की घोषणा करेंगे। शेखावाटी, मारवाड़ में हनुमान बेनीवाल ने कुछ सालों में जबरदस्त पैठ बनाई है। युवाओं में खासा क्रेज है। अगर ये दल आपस में मिलकर लड़े तो कांग्रेस और भाजपा को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। जिससे प्रदेश की राजनीति के समीकरण भी बदल सकते हैं।
चुनाव लडने की हरी झण्डी दी
भारत वाहिनी पार्टी ने सांगानेर सीट को छोड़कर कहीं भी प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है, लेकिन अंदरखाने चुनाव के इच्छुक मजबूत कार्यकतार्ओं को चुनावी समर में लग जाने की अनुमति दे दी है। जयपुर में आधा दर्जन सीटों पर प्रत्याशियों ने प्रचार शुरू कर दिया है। हवामहल से भारतीय जनता युवा मोर्चा जयपुर के पूर्व अध्यक्ष विमल अग्रवाल प्रचार शुरू कर चुके हैं। ब्राह्मण, वैश्य और मुस्लिम बहुल इस सीट पर विमल अग्रवाल की गहरी पैठ है। वे गत दो दशक से भाजपा से जुड़े रहे और इनकी स्वच्छ व संघर्षशील छवि भाजपा व कांग्रेस को टक्कर देगी। इसी तरह किशनपोल से भाजपा के युवा नेता रहे विष्णु जायसवाल, झोटवाड़ा में कुमावत समाज के राष्ट्रीय पदाधिकारी छोटूलाल कुमावत, विराट नगर में विक्रम पुरुषार्थी (यादव) तैयारियों में लग गए हैं। विद्याधर नगर में भाजपा के बागी एक पूर्व पार्षद तगड़े दावेदार है। मालवीय नगर, आदर्श नगर, आमेर, शाहपुरा, चौमू, कोटपूतली, बगरु, दूदू, चाकसू, बस्सी, फुलेरा विधानसभा सीटों पर जातिगत समीकरण को देखते हुए पार्टी प्रत्याशी उतारेगी। दोनों ही दलों के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद पार्टी प्रत्याशी तय करेगी। टिकट देने से पहले पार्टी सीटों के जातिगत समीकरण व प्रत्याशी की छवि देख रही है। अभी तक जिन्हें चुनाव लड?े की हरी झण्डी दी गई है, वे सभी अपने-अपने क्षेत्रों, समाज और जनता में अच्छी पैठ रखते हैं। पार्टी भी पूरे जी-जान से चुनाव लड?े के मूड़ में है। ऐसे में पार्टी मजबूती दावेदारी करेगी तो इसका सबसे ज्यादा खामियाजा भाजपा को झेलना पड़ सकता है।

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