जयपुर. इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अब राजस्थान में दिखने लगा है। तेल कंपनियों ने रसोई गैस के घटते स्टॉक को देखते हुए कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर अघोषित रोक लगा दी है। एजेंसियों को मैसेज करके कॉमर्शियल सिलेंडर के ऑर्डर नहीं लगाने के आदेश दिए हैं। केवल घरेलू उपयोग के सिलेंडर की डिलीवरी पर ही फोकस करने के लिए कहा गया है। कंपनियों ने देर रात ये निर्देश जारी किए हैं। कंपनियों के इस निर्णय का असर अब औद्योगि​क ईकाइयों, रेस्टोरेंट्स और होटलों पर पड़ेगा। वहीं सावे शुरू होने के कारण शादी-समारोह में भी गैस सप्लाई की किल्लत देखने को मिल सकती है। तेल कंपनियों के सब कुछ सामान्य के दावों के बीच अब आगामी निर्देशों तक कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई रोकने के लिए कहा है। नाम न छापने की शर्त पर एक एजेंसी के डीलर्स ने बताया- कंपनियों की तरफ से कई एलपीजी डीलर्स को मैसेज किया गया है कि वर्तमान हालात को देखते हुए व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की सप्लाई अगले आदेश तक रोक लें। जिन डीलर्स के पास स्टॉक सीमित हैं, उनके नए ऑर्डर लेना कंपनियों ने बंद कर दिया। हालांकि तेल कंपनियों की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। मार्च-अप्रैल में राजस्थान में शादियों का सीजन रहेगा। अगर मध्य-पूर्व के देशों में लम्बे समय तक युद्ध चलता है तो गैस की किल्लत बढ़ जाएगी। क्योंकि भारत में 80 फीसदी गैस कतर, ईरान समेत अन्य देशों से आती है, जो फिलहाल बंद है। अगर कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति नहीं मिली तो बड़े पैमाने पर शादी-समारोह में खाना बनाना मुश्किल हो सकता है। इससे पहले तेल कंपनियों ने रसोई गैस की बुकिंग पर भी सेंशन लगाई थी। कंपनियों ने सिलेंडर डिलीवरी के 25 दिन बाद नई बुकिंग लेने के निर्देश दिए थे। ताकि घरेलू सिलेंडर की सप्लाई को नियंत्रित रखा जा सके। वहीं जब उपभोक्ता गैस की बुकिंग कर रहा है, तो उसे सिलेंडर की सप्लाई पहले जहां 2 से 3 दिन में हो जाती थी, वह अब सात दिन में या उससे ज्यादा दिनों के अंतराल में हो रही है।

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