जयपुर. जयपुर में करीब 2200 करोड़ रुपए कीमत की सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण पर हाउसिंग बोर्ड कार्रवाई कर रहा है। बीटू बाइपास और द्रव्यवती नदी के बीच स्थित 42 बीघा जमीन को खाली कराने के लिए राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की बड़ी कार्रवाई दूसरे दिन रविवार को भी जारी रही। यहां 2 दर्जन से ज्यादा निर्माणों को तोड़ा गया। वहीं एक दिन पहले की कार्रवाई के निर्माणों को हटाकर जमीन समतल की गई। कार्रवाई के दौरान 16 जेसीबी मशीनें लगाई गई। यहां शनिवार को भी कार्रवाई की गई थी। हाउसिंग बोर्ड की टीम भारी पुलिस जाब्ते और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची, जहां अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई के दौरान कई बाउंड्री वॉल, कच्चे-पक्के मकान और शोरूम तोड़े गए। हाउसिंग बोर्ड ने श्रीराम कॉलोनी इलाके में कार्रवाई की। यहां लंबे समय से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे होने का आरोप हैं। बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक- भूमाफियाओं ने इस जमीन पर अवैध रूप से कॉलोनी बसाकर भूखंड बेच दिए थे। इनमें कई रसूखदार लोगों को भी कौड़ियों के दाम पर प्लॉट बेचे गए। कोर्ट के आदेश के बाद हाउसिंग बोर्ड ने अब दोबारा कब्जा लेने की कार्रवाई शुरू की है। कार्रवाई के दौरान 16 जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह का विरोध या कानून व्यवस्था की स्थिति न बने। हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी मौके पर निगरानी कर रहे हैं। बोर्ड प्रशासन ने खाली करवाई जमीन पर अपने कब्जे के साइन बोर्ड लगाए हैं। दरअसल, इससे पहले 16 अप्रैल को भी हाउसिंग बोर्ड ने यहां कब्जा लेने की कोशिश की थी, लेकिन स्थानीय विरोध और ऊपरी स्तर पर दखल के चलते कार्रवाई बीच में रोकनी पड़ी थी। इसके बाद कॉलोनी के कुछ लोग राजस्थान हाईकोर्ट पहुंच गए थे, जहां पहले स्टे मिल गया था। हालांकि हाल ही हाईकोर्ट ने दोबारा सुनवाई के दौरान स्टे खारिज करते हुए हाउसिंग बोर्ड को जमीन पर कब्जा लेने की अनुमति दे दी। कोर्ट के आदेश के बाद बोर्ड प्रशासन अब कार्रवाई कर रहा है।
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