मुंबई। महाराष्ट्र के यवतमाल में कथित तौर पर घातक कीटनाशकों से हुयी किसानों की मौत की जांच के लिए गठित एसआईटी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कीटनाशक पीड़ितों की सूची में उन चार किसानों के भी नाम शामिल हैं जिन्होंने पहले ही आत्महत्या कर ली थी। एक अधिकारी ने आज यह जानकारी दी।अधिकारी के अनुसार रिपोर्ट हाल ही में सरकार को सौंपी गयी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई विभागों द्वारा मानक संचालन प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया गया। इन विभागों में गृह भी शामिल हैं जिसके प्रमुख राज्य के मुख्यमंत्री हैं। राज्य सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार कपास के पौधों पर कीटनाशकों के छिड़काव के दौरान सांस में घातक धुआं जाने से करीब 21 लोगों की मौत हो गयी थी। करीब 400 किसान और श्रमिक बीमार हो गए थे जिनमें से करीब 21 की मौत हो गयी थी। यवतमाल में बडी संख्या में किसानों ने आत्महत्याएं भी की हैं।

राज्य कृषि विभाग में नियुक्त एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने आरोप लगाया कि आत्महत्या के उन मामलों को कीटनाशकों के पीडित के रूप में दर्शाने का जानबूझकर प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे की राशि में अनियमितता के लिए संभवत: ऐसा किया गया। एसआईटी की रिपोर्ट को जल्दी ही सार्वजनिक किया जाएगा। उसके पहले सरकार के अधिकारी अगले हफ्ते एक उच्चस्तरीय बैठक करेंगे।

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