dr.Raghu Sharma
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जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री डॉ रघु शर्मा पाली जिले के भ्रमण पर रहे। यहां उन्होंने जिला मुख्यालय स्थित बांगड़ अस्पताल का निरीक्षण किया, मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

पाली कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित चिकित्सा विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने पाली जिले में स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए किए गए घर-घर सर्वे, जन जागरुकता व अन्य प्रयासों की सराहना की और कहा कि इस मौसमी बीमारी से बचाव के लिए मार्च तक ऎसे ही मुस्तैदी से कार्य किए जाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि सभी नए मेडिकल कॉलेज को एक-एक करोड़ रुपए अभी सरकार की ओर से स्वीकृत किए गए हैं। इनसे प्रत्येक मेडिकल कॉलेज पर स्वाइन फ्लू जांच की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इसके अलावा सभी जिलों के क्षय रोग निवारण केंद्रों पर भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्रकार आने वाले दिनों में राज्य में 50 केंद्रों पर इस जांच की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य में 25 से 29 जनवरी तक अभियान चलाकर करीब एक करोड़ लोगों को स्वाइन फ्लू स्क्रीनिंग के दायरे में लिया गया है। राज्य में समुचित मात्रा में टेमीफ्लू उपलब्ध है तथा दस लाख और टेबलेट के लिए ऑर्डर किया गया है। प्रत्येक स्तर पर दवा की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। बस स्टेंड, रेल्वे स्टेशन आदि भीड़भाड़ वाली जगहों पर स्क्रीनिंग की जा रही है। जागरुकता के लिए कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। स्कूलों को निर्देशित कर बच्चों को जागरुक करने के लिए कहा गया है। उन्होेंने कहा कि पूना से आई विशेषज्ञों की टीम ने माना है कि राजस्थान में स्वास्थ्य विभाग द्वारा समुचित इंतजाम स्वाइन फ्लू से निबटने और बचाव के लिए किए जा रहे है।

चिकित्सा मंत्री ने सोजत पीएमओ से कहा कि वे अस्पताल में आईसीयू वार्ड, आर्थोपेडिक ऑपरेशन थिएटर सहित क्षेत्र व अस्पताल की आवश्यकता के अनुरूप प्रस्ताव बनाकर भिजवाएं ताकि राज्य सरकार स्तर से इसके लिए बजट स्वीकृत किया जा सके। उन्होंने बांगड़ अस्पताल पीएमओ से विभिन्न समस्याओं व आवश्यकताओं की चर्चा करते हुए कहा कि वे अस्पताल की व्यवस्था दुरुस्त करें और किसी प्रकार की गड़बड़ी फैलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती रोगियों के लिए ब्लड बैंक से ब्लड की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा ब्लड उपलब्ध कराने में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

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