देश के सभी राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों के मुख्‍य चुनाव अधिकारियों का दो दिन का सम्‍मेलन आज नई दिल्‍ली में शुरू हुआ. इसका उद्घाटन भारत के मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ए.के. जोटी और भारत के चुनाव आयुक्‍त ओ.पी. रावत ने किया.

राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों के मुख्‍य चुनाव अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ए.के. जोटी ने चुनाव से जुड़े संबद्ध पक्षों को ई-सेवाओं से जोड़ने की आवश्‍यकता पर जोर दिया. इसके अलावा उन्‍होंने निर्वाचन आयोग में चुनाव संबंधी विभिन्‍न सेवाओं के लिए इलेक्‍ट्रानिक तरीके से भुगतान करने की सुविधा के विकास के उद्देश्‍य से ई-पेमेंट गेटवे तैयार करने की आवश्‍यकता पर भी जोर दिया. निर्वाचन आयोग में भविष्‍य में सभी चुनाव इलेक्‍ट्रानिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और वोटर वेरीफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) से कराने का निर्णय कर लिया है जिसे ध्‍यान में रखते हुए उन्‍होंने वीवीपीएटी प्रणाली के बारे में विस्‍तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने की जरूरत को भी रेखांकित किया. वीवीपीएटी में मतदाता कागज पर अपने वोट का खुद सत्‍यापन कर सकता है. उन्‍होंने यह भी कहा कि चुनाव प्रबंधन में सिस्‍टमेटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्‍ट्रोरल पार्टिसिपेशन (एसवीईईपी) यानी मतदाताओं को व्‍यवस्थिति रूप से शिक्षित करके चुनाव में उनकी भागीदारी पर विशेष रूप से बल दिया जाना चाहिए.

भारत के चुनाव आयुक्‍त ओ.पी. रावत ने सभी मुख्‍य चुनाव अधिकारियों का आह्वान किया कि इस सम्‍मेलन में उन्‍हें एक-दूसरे के अनुभवों को साझा करने और चुनाव से संबंधित बेहतर तौर-तरीकों को अपनाने का जो अवसर मिल रहा है उसका वे पूरा फायदा उठाएं. उन्‍होंने चुनाव प्रबंधन संबंधी मुद्दों के बारे में इस क्षेत्र में वरिष्‍ठ अधिकारियों से सबक लेने को भी कहा. रावत ने कहा कि चुनाव से जुड़े तमाम अधिकारियों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि चुनावों में और अधिक प्रामाणिकता आए और भारतीय लोकतंत्र अधिक सुदृढ़ हो सके.

वरिष्‍ठ निर्वाचन उपायुक्‍त  उमेश सिन्‍हा और विजय देव; निर्वाचन उपायुक्‍त संदीप सक्‍सेना और सुदीप जैन; और महानिदेशक दिलीप शर्मा और  डी. ओझा समेत निर्वाचन आयोग के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भी सम्‍मेलन में हिस्‍सा लिया और ईवीएम व वीवीपीएटी, इलेक्‍ट्रोरल रजिस्‍ट्रेशन ऑफिसर्स नेट (चुनाव पंजीकरण अधिकारियों का नेट), मतदाता सूचियां, व्‍यवस्थिति मतदाता शिक्षा और चुनाव भागीदारी (एसवीईईपी), चुनाव खर्च निगरानी, सोशल मीडिया, पेड न्‍यूज जैसे कई मुद्दों पर प्रेजेंटेशन प्रस्‍तुत किये.

राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों के चुनाव अधिकारियों के सम्‍मेलन का आयोजन भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा नई दिल्ली में 18 और 19 अगस्‍त 2017 को किया जा रहा है. इसका उद्देश्‍य चुनाव तंत्र के काम-काज की समीक्षा करना, नयी पहल के बारे में पता लगाना और चुनाव प्रबंधन में सुधार लाना तथा तथा मतदाताओं के वोट डालने के अनुभव को बेहतर बनाना है.

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