kisaanon se dhokhaadhadee

जयपुर। सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना ने मंगलवार को बताया कि वर्ष 2018 में की गई किसानों की कर्जमाफी में अनियमितता करने वाले एवं किसानों से धोखाधड़ी करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होने बताया कि राज्य में जहां भी इस प्रकार की गड़बडी हुई है, उसकी जॉच करवाई जाएगी। आंजना ने बताया कि वर्ष 2018 में की गई कर्जमाफी से लाभान्वित सभी किसानों की सूची संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति पर चप्सा करवायी जा रही है इसके लिये सभी केन्द्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों को निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इससे किसान स्वयं की कर्जमाफी का सत्यापन कर सकेंगे और यदि किसी किसान ने कर्ज नहीं लिया है और उसका नाम कर्जमाफी में शामिल है तो वह उसकी रिपोर्ट संबंधित बैंक के प्रबंध निदेशक को दे ताकि किसान से हुई धोखाधड़ी के संबंध में यथोचित कार्यवाही की जा सके।

रजिस्ट्रार, सहकारिता डॉ. नीरज के पवन ने बताया कि डूंगरपुर जिले की गोवाड़ी, गामडा ब्राह्मणिया व जेठाना लैम्पस के संबंध में शिकायत मिलते ही उनके बैंक से लेन-देन के अधिकार समाप्त कर दिये है तथा सागवाड़ा शाखा के ऋण पर्यवेक्षक को निलम्बित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि डूंगरपुर, चुरू और भरतपुर जिलों जैसे प्रकरणों की अन्य जिलों में संभावना के मद्देनजर सभी खण्डीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार को अपने खण्ड में स्थित केन्द्रीय सहकारी बैंकों की जांच कर रिपोर्ट करने के निर्देश जारी किये गये हैं। डॉ. पवन ने बताया कि इस संबंध में कलक्टर डूंगरपुर से वार्ता की गई है और प्रकरण की पूर्ण जांच के लिये टीमों में एक-एक पटवारी एवं ग्राम सेवक को भी लगाया जायेगा। उन्होंने बताया कि डूंगरपुर जिले में जांच के लिये अतिरिक्त रजिस्ट्रार (प्रथम) मुख्यालय तथा 5 टीम तैयार कर रवाना कर दी गई हैं तथा चुरू बैंक की बीकानेर खण्ड के अतिरिक्त रजिस्ट्रार से एवं भरतपुर बैंक की अतिरिक्त रजिस्ट्रार (द्वितीय) द्वारा जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जांच के लिये गठित टीमों से रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।

कोई जवाब दें