kaise door hoga baandeekuee kasbe ka peyajal sankat ?, 50 laakh ke tyoobavailon mein graameenon ne bhar die patthar

जयपुर। दौसा शहर के बाद अब जिले के बांदीकुई कस्बे की पेयजल व्यवस्था भी जलदाय विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। बांदीकुई कस्बे की पेयजल सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह से ट्यूबवैलों पर निर्भर है। लगातार गिरते भूजल स्तर के चलते कस्बे में लंबे समय से पेयजल संकट चल रहा था। पिछले तीन-चार सालों में पेयजल का संकट और भी गहरा गया था। पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए जलदाय विभाग की ओर से मार्च, 2018 में कस्बे में 10 ट्यूबवैलों के निर्माण के लिए 80.52 लाख रूपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की थी। पेयजल किल्लत की बढ़ती शिकायतों के बाद विभाग के प्रमुख शासन सचिव रजत कुमार मिश्र ने 9 मई, 2018 को बांदीकुई कस्बे की पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण करने के बाद मौके पर ही बाणगंगा नदी में ट्यूबवैल निर्माण करने के निर्देश प्रदान किए थे। स्थानीय लोगों के विरोध की संभावनाओं को देखते हुए जिला कलक्टर दौसा से पुलिस जाब्ता उपलब्ध कराने के निवेदन के बाद जलदाय विभाग की ओर से 18 मई, 2018 को बाणगंगा नदी में ट्यूबवैलों का निर्माण कार्य शुरू किया गया। निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही स्थानीय लोगों के विरोध और स्थानीय विधायक एवं जिला कलक्टर के निदेर्शों के बाद मौके से ड्रिलिंग मशीनों को हटा लिया गया। जलदाय विभाग द्वारा विरोध की संभावनाओं को देखते हुए कार्य शुरू करने से पहले ही प्रशासन से पुलिस जाब्ता मांगा गया था, लेकिन कार्य स्थल पर पुलिस जाब्ता उपलब्ध ही नहीं कराया गया। 22 मई, 2018 को जिला कलक्टर दौसा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर पर्याप्त पुलिस जाब्ते के साथ बाणगंगा नदी में ट्यूबवैल निर्माण कार्य शुरू करने का निर्णय लिया गया।

जिला कलक्टर दौसा के निर्देश के बाद 19 जून, 2018 को मौके पर ड्रिलिंग मशीन भेजकर निर्माण कार्य शुरू करने से पहले स्थानीय लोगों के विरोध के कारण ट्यूबवैल निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। जलदाय विभाग अधिशाषी अभियंता दौसा द्वारा मामले को लेकर जिला कलक्टर दौसा और विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया। 20 सितम्बर, 2018 को जिले में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा का कार्यक्रम प्रस्तावित होने और यात्रा के दौरान बांदीकुई सभा स्थल पर स्थानीय लोगों द्वारा पेयजल समस्या की मांग उठाने की संभावनाओं को देखते हुए जिला कलक्टर के निर्देश के बाद जलदाय विभाग की ओर से सहायक अभियंता और ठेकेदार के नेतृत्व में ड्रिलिंग मशीनें मौके पर भिजवाई गई, लेकिन शाम तक पुलिस जाब्ता उपलब्ध नहीं होने और स्थानीय लोगों के विरोध के चलते ट्यूबवैलों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। 24 सितम्बर को जिला कलक्टर को अवगत कराने के बाद मौके पर पर्याप्त पुलिस और प्रशासन का जाब्ता उपलब्ध कराने के बाद विभाग की ओर से 27 नवम्बर से 1 अक्टूबर, 2018 तक 5 ट्यूबवैलों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया और दो ट्यूबवैलों का निर्माण कार्य चल रहा था। 2 अक्टूबर, 2018 की सुबह एक विभागीय और एक ठेकेदार की मशीन द्वारा ट्यूबवैलों का निर्माण कार्य चल रहा था, इसी दौरान सुबह 10 बजे करीब 1 हजार स्थानी ग्रामीण महिला-पुरूष मौके पर पहुंचे और पुलिस की उपस्थिति में ही निर्माण कार्य रोककर सभी 7 ट्यूबवैलों में पत्थर भर दिए। मौके पर हालात बिगड़ने की स्थिति को देखते हुए जिला कलक्टर दौसा द्वारा कार्य 7 दिन के लिए बंद करवा दिया, जो आज तक शुरू नहीं हो पाया। मामले को लेकर जलदाय विभाग की ओर से 2 अक्टूबर को ही सिकंदरा थाने में 265 नंबर से एक एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है। ऐसे हालातों में बांदीकुई कस्बे की पेयजल सप्लाई व्यवस्था जलदाय विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। यदि समय रहते ट्यूबवैलों का निर्माण कार्य नहीं किया गया तो आगामी गर्मियों में बांदीकुई कस्बे में पानी के लिए हाहाकार मच जाएगा।

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