नई दिल्ली। नोटबंदी और नोटबंदी के नियमों में बदलाव को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नियमों में बदलाव को जरुरी बताते हुए कहा कि भ्रष्ट लोगों की काट और लगाम लगाने के लिए नियम बदलने पड़े। नोटबंदी नीति के क्रियान्वयन में परिवर्तन इसलिए किए गए कि जो लोग इस फैसले के उद्देश्य को परास्त करने में लगे थे, उन्हें नाकाम किया जा सके। मैगजीन इंडिया टुडे को दिए गए साक्षात्कार में पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा, हमें नीति और रणनीति में फर्क करना आना चाहिए। नोटबंदी हमारी नीति है और उसके बदलते नियम हमारी रणनीति। इस वजह से ही सरकार दुश्मनों से आगे रही। 500 और 1000 के नोट को प्रतिबंधित करने का फैसला कोई तात्कालिक फायदे के लिए नहीं किया, बल्कि अर्थव्यवस्था में दीर्घकालिक सकारात्मक बदलाव के लिए किया गया है। मोदी ने कहा कि अगर आपकी सोच स्पष्ट है और नीयत पाक-साफ तो नतीजा हर किसी के सामने होगा। मेरे आलोचक मेरे खिलाफ चाहे जो कहें, लेकिन सच्चाई ये है कि इन सब से मेरा कोई निजी फ ायदा नहीं है। ये निर्णय इतना बड़ा है कि हमारे बड़े से बड़े अर्थशास्त्री भी इस पर असमंजस में पड़ गए हैं। भारत की सवा अरब की जनता ने तकलीफें झेलते हुए भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और जनता ने हमेशा साथ दिया है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, मुझे हमारे विरोधियों खासकर कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व पर तरस आता है। एक तरफ वो कहते हैं कि मैंने ये फैसला राजनीतिक फ ायदे के लिए लिया है। दूसरी तरफ वो कहते हैं कि इससे लोगों को काफ ी तकलीफ उठानी पड़ी है। लेकिन ये दोनों एक साथ कैसे चल सकता है। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का जिक्र करते हुए कहा, ये दिलचस्प है कि मॉन्यूमेंटर मिस मैनेजमेंट जैसे शब्द मनमोहन सिंह जैसे नेता की जुबान से निकले हैं, जो इस देश के 45 साल के आर्थिक सफ र में शामिल रहे हैं। वे देश के वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री तक रहे हैं, लेकिन उनके दौर में समाज का एक बड़ा तबका गरीबी में ही जीता रहा है।

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  1. खबर की दुनिया में Janprahari समाचार पत्र एक नई क्रांति ला रहा है

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