रूस. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान युद्ध को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध से कोविड महामारी जैसे हालात हो सकते हैं। मॉस्को में बिजनेस लीडर्स से बातचीत में पुतिन ने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी जंग के नतीजों का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि जो देश इस युद्ध में शामिल हैं, उन्हें भी इसके असर का अंदाजा नहीं है। उन्होंने बताया कि इस संघर्ष का असर अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स, उत्पादन और सप्लाई चेन पर पड़ रहा है। साथ ही तेल-गैस, धातु और उर्वरक सेक्टर की कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा है। इसी बीच खबरें हैं कि अमेरिका, ईरान के खार्ग द्वीप पर जमीनी हमला (ग्राउंड इनवेजन) कर सकता है। इसके जवाब में ईरान ने बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करने की चेतावनी दी है। बाब-अल-मंदेब रेड सी का एंट्री प्वाइंट है। यह रेड सी को अरब सागर से जोड़ता है। स्वेज नहर तक जाने वाले जहाज इसी रास्ते से गुजरते हैं। दुनिया के करीब 12 प्रतिशत तेल की सप्लाई यहीं से गुजरती है। यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शिपिंग रूट है। बाब-अल-मंदेब अफ्रीकी देश जिबूती में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेस इस स्ट्रेट से सिर्फ 30 किमी दूर है। अगर बाब-अल-मंदेब में भी रुकावट आती है, तो मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष और बढ़ सकता है। यह बयान रॉयटर्स की उस रिपोर्ट्स के बाद आया है, जिसमें यह दावा किया गया था कि पाकिस्तान की सलाह पर इजराइल ने दो अधिकारियों को हिट लिस्ट से हटा दिया। एक पाकिस्तानी अधिकारी ने दावा किया था कि इजराइल के पास ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ को निशाना बनाने की जानकारी और लोकेशन मौजूद थी। लेकिन पाकिस्तान ने चेतावनी दी थी कि अगर इन नेताओं को मार दिया गया, तो बातचीत के लिए कोई बचा ही नहीं रहेगा। इसके बाद इजराइल ने भी पीछे हटने का फैसला किया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इजराइली सेना के प्रवक्ता नदाव शोशानी ने कहा कि हर सैन्य कार्रवाई से पहले एक सख्त प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसमें कानूनी विशेषज्ञ, खुफिया अधिकारी, सैन्य विशेषज्ञ और वरिष्ठ कमांडर शामिल होते हैं। बड़े मामलों में राजनीतिक नेतृत्व भी शामिल होता है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनकी सेना ईरान के ठिकानों पर लगातार हमले कर रही है। उन्होंने दावा किया कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के नौसेना कमांडर को मार गिराया गया।नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इजराइल ईरान के आतंकी शासन के खिलाफ पूरी ताकत से कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि बीती रात एक बड़े ऑपरेशन में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के नौसेना कमांडर को खत्म किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कमांडर कई हमलों में शामिल था और होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की रणनीति का नेतृत्व कर रहा था। नेतन्याहू ने कहा कि यह कार्रवाई इजराइल और अमेरिका के बीच सहयोग का उदाहरण है और दोनों देश मिलकर युद्ध के लक्ष्यों को हासिल करने में जुटे हैं।






























