जयपुर. राजस्थान में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए अब लोगों को पैसा देना पड़ेगा। कचरा कलेक्शन के लिए लोगों को 150 रुपए तक देने पड़ेंगे। जयपुर नगर निगम ग्रेटर से इसकी शुरुआत होने जा रही है। कचरा कलेक्शन की मॉनिटरिंग के लिए घर-घर लगाए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन कार्ड लगाया गया है। मालवीय नगर में आज से इसका ट्रायल भी शुरू हो गया। नगर निगम ग्रेटर एरिया में अभी आरएफआईडी कार्ड मुरलीपुरा और मालवीय नगर जोन एरिया में ही लगाए जा रहे हैं। ट्रायल में ये देखा गया कि जो सिस्टम लगाया है, वह तकनीकी तौर पर काम कर रहा है या नहीं? इन दोनों जोन में निगम ने करीब 1 लाख 44 हजार से ज्यादा संपत्तियां (आवासीय मकान और दुकानें) चिह्नित की हैं, जिनमें 92 हजार 832 से ज्यादा घरों पर ये सिस्टम लग चुके हैं। इस काम को पूरा होने के साथ ही निगम प्रशासन कचरा कलेक्शन का पैसा (यूजर चार्ज के रूप में) वसूलने की प्रक्रिया इन एरिया से शुरू कर देगा। निगम को एक घर से औसत 100 रुपए मिलेंगे। यूजर चार्ज की वसूली कैसे होगी यह भी तय नहीं किया गया है। संभावना है कि ये चार्ज अगले साल फरवरी या मार्च से शुरू किया जाएगा। इसमें कचरा कलेक्शन कर्मचारियों को एक हाथ पर पहनने वाली घड़ी दी है, इससे वह स्मार्ट कार्ड को स्कैन करता है। उससे पता होता है कि आज कचरा कलेक्शन की गाड़ी इस घर पर पहुंची या नहीं? निगम के मुताबिक वर्तमान में इन दोनों जोन एरिया में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का काम कर रही कंपनी को 110 रुपए प्रति हाउस होल्ड का भुगतान किया जा रहा है। इस हिसाब से इन पर निगम हर महीने 1.62 करोड़ रुपए खर्च कर रहा है। यूजर चार्ज वसूला जाएगा तो प्लान के मुताबिक निगम को 1.73 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिलेगा यानी हर घर से औसतन 100 रुपए, जबकि कॉमर्शियल बिल्डिंग से 250 रुपए महीना चार्ज वसूला जाएगा। उन्होंने बताया कि हाउस होल्ड का अलग-अलग स्लैब के अनुसार शुल्क निर्धारित है, जो 20 रुपए से 150 रुपए है। इस तरह हर घर का औसतन करीब 100 रुपए शुल्क लगेगा।

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