जयपुर। राजधानी में होने वाले ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2016 में कृषि मशीनीकरण के उपयोग को प्रोत्साहन दिया जायेगा। कृषि में कार्य दक्षता बढ़ाने, समय एवं श्रम की बचत करने के लिए इस कृषि आयोजन में आधुनिक कृषि मशीनरी के उपयोग को प्रदर्शित किया जाएगा। ग्राम में कृषि मशीनीकरण के लिए समर्पित एक विशेष पैवेलियन होगा। प्रमुख शासन सचिव कृषि नीलकमल दरबारी ने बताया कि पैवेलियन में नवीनतम कृषि मशीनरी के मॉडल विस्तृत विवरण के साथ प्रदर्शित किए जाएंगे। इसमें मषीनों के उपयोग और आधुनिक मशीनीकरण से होने वाले लाभ भी बताये जाएंगे। भूमि की जुताई, फ सल कटाई के बाद के प्रबंधन, नमी, ग्रेडिंग, संरक्षण, छंटाई, बीजारोपण एवं उर्वरक देने, पॉलिशिंग, वैक्सिंग, पौधों के संरक्षण, पैकेजिंग, कटाई एवं परिवहन में कृषि मशीनरी का उपयोग किया जाता है। ग्राम के दौरान राज्यभर में कृषि मशीनरी एवं उपकरणों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर्स (सीएचसी) की स्थापना की संभावनाएं भी तलाशी जायेगी। राजस्थान में प्लास्टिकल्चर सेक्टर’ में भी जबरदस्त संभावनाएं हैं। प्लास्टिकल्चर के तहत कृषि एवं बागवानी में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, स्प्रिंकलर इरिगेशन सिस्टम, मल्चिंग लो टनल कल्टीवेशन, पॉली हाउसेज, आदि में प्लास्टिक का उपयोग आता है। राजस्थान में लगभग 1.70 लाख हेक्टेयर भूमि में ड्रिप एवं मिनी सिं्प्रक्लर से सिंचाई होती है और लगभग 14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिं्प्रक्लर से सिंचाई होती है। हाल के वर्षों में राजस्थान में स्प्रिंक्लर, वाटर पंप, ट्रैक्टर, टिलर आदि के बढ़ते उपयोग से कृषि मशीनीकरण की ओर रूझान देखा गया है। गौरतलब है कि
ग्राम एक अंतरराष्ट्रीय एग्री इवेंट है जो जयपुर के सीतापुरा में स्थित जयपुर एग्जीबिषन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में 9 से 11 नवम्बर तक आयोजित किया जाएगा। इसका आयोजन राजस्थान सरकार एवं फैडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा संयुक्त रूप किया जा रहा है।

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