जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि डेंगू के नये स्ट्रेन के कारण रोगियों में कई दुष्प्रभाव देखने को मिल रहे है। साथ ही चिकनगुनिया, मलेरिया, स्क्रब टाइफस एवं स्वाइन फ्लू जैसी मौसमी बीमारियों के मामले सामने आ रहे है। ऎसे में प्रदेशवसियों को इन बीमारियों से सचेत करने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए।
गहलोत मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर मौसमी बीमारियों को लेकर समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मौसमी बीमारियों के उपचार के लिए तमाम माकूल प्रबंध कर रही है, लेकिन इनसे बचाव के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि रोगियों में डेंगू के नये स्टे्रन डेन-2 के गंभीर दुष्प्रभाव सामने आ रहे हैं। यह स्टे्रन पुराने स्ट्रेन से अलग है और घातक है। अतः आमजन को सचेत करने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्थानीय निकाय विभाग को नियमित फोगिंग कराने के निर्देश भी दिए।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव वैभव गालरिया ने कहा कि विभाग द्वारा डेंगू एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए वृहद् स्तर पर प्रयास किए जा रहे है और उसके सकारात्मक परिणाम भी आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि विगत 7 दिनों में ओपीडी, आईपीडी में डेंगू के मरीजों की संख्या में गिरावट आई है और पॉजिटीविटी दर में कमी हो रही है। विभाग द्वारा निरंतर डेंगू की जांच में बढ़ोतरी की जा रही है।
एसएमस मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य सुधीर भंडारी ने बताया कि रोगियों में डेंगू के नये स्टे्रन डेन-2 के कारण स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। एसएमएस हॉस्पिटल में जीनोम सीक्वेन्सिंग करने पर तकरीबन 70 प्रतिशत केसेज इसी स्ट्रेन के पाये गये हैं। इस स्टे्रन के कारण रोगी का लीवर डेमेज होना, भूख खत्म होना व उल्टी के लक्षण सामने आ रहे हैं, इसलिए प्रभावित रोगी को चिकित्सक से शीघ्र उपचार लेना चाहिए।
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, मुख्य सचिव निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा अखिल अरोरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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