kookas ke saee baaba mandir mein bhrashtaachaar, bhakton ne uthaee aavaaj

सरकार से मंदिर का प्रबंधन हाथ में लेने के लिए मंत्री विश्वेन्द्र सिंह को दिया ज्ञापन
जयपुर। आमेर में कूकस स्थित साई बाबा मंदिर में हो रही पुजारी की आर्थिक गडबडियों के खिलाफ अब साई भक्तों ने आवाज उठा ली है। इस संबंध में भक्तों ने देवस्थान विभाग के मंत्री विश्वेन्द्र सिंह को ज्ञापन देकर उनसे मंदिर का प्रबंधन सरकार के अधीन लेने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि आमेर के कूकस स्थित साई बाबा मंदिर 2 बीघा जमीन में बना हुआ है। यह मंदिर 1978 में बैंक आफ बडौदा से रिटायर हुए स्व. कैलाश बाकीवाला ने बनाया था। बाकलीवाल परिवार ही मंदिर की देखरेख करता था। भक्तों का भी इसमें सहयोग रहता था। इस मंदिर में बाकलीवाल जी ने ओमप्रकाश नाम के पुजारी को मंदिर की देखरेख और पाठपूजा के लिए नियुक्त कर दिया था। मंदिर में जब से यह पुजारी आया तभी से इसकी नीयत मंदिर पर कब्जा जमाने की रही थी। बाकलीवाल जी जब तक जीवित रहे तो उन्होंने इस पुजारी की गडबडियां कई बार पकडी थी। हर बार यह माफी मांग कर वापस मंदिर की देखरेख करने लग जाता था।

धीरे-धीरे पुजारी ओमप्रकाश ने मंदिर पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया। लगभग 30 साल में पुजारी ने इस मंदिर से होने वाली आय से करोडों रुपए की संपत्ति खडी कर ली। आज हालत यह है कि मंदिर में होने वाले आमदनी-खर्चों का कोई आडिट नहीं कराया जाता। बैंकों में जो भी राशि जमा होती है उस पर इस पुजारी ने अपना हक जमा रखा है। आज स्थिति यह है कि साई मंदिर कूकस में हर साल होने वाले आयोजनों में करोडों की आमदनी होती है । इसके अलावा भी दान में अच्छी खासी रकम आती है जो पुजारी ओमप्रकाश के पास जाती है। पुजारी ओमप्रकाश जब इस मंदिर में नियुक्त हुआ था तब इसकी आर्थिक स्थित काफी कमजोर थी। आज हालत यह है कि पूरा मंदिर इसने कब्जे में कर रखा है। यहां हो रही गड़बड़ को देखते हुए आपसे अनुरोध है कि साई बाबा मंदिर में रही गड़बडियों को देखते हुए देवस्थान विभाग इस मंदिर का प्रबंधन अपने हाथ में ले। मंदिर में अब तक हुई आमदनी-खर्चों की आडिट कराए।

कोई जवाब दें