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जयपुर। संरक्षित स्मारक जंतर-मंतर वेधशाला और परकोटे में चल रहे जीर्णोद्धार व संरक्षण कार्य घटिया स्तर के हो रहे हैं। दो-तीन महीने पहले किए गए प्लास्टर न केवल उतर रहे हैं, बल्कि हाल ही आई थोड़ी सी बारिश में ये दीवारों से छूट रहे हैं। जंतर-मंतर वेधशाला के पास गुप्तेश्वर महादेव मंदिर (आनन्द बिहारी मंदिर परिसर) के ऊपर दीवार से प्लास्टर उखड़ गया है। यहीं नहीं बारिश के पानी से प्लास्टर उतर रहा है। पुरातत्व विभाग की ओर से दो-तीन महीने पहले जंतर-मंतर वेधशाला के नजदीक आनंद बिहारी मंदिर, जलेब चौक के मंदिरों में दीवारों पर प्लास्टर किया है। पुराने प्लास्टर को टांचे बिना ही उस पर चूना का प्लास्टर लगा दिया।

अब यही प्लास्टर दीवार को छोड़कर उतर रहा है, जो हर किसी को साफ दिखाई भी दे रहा है। इस बारे में पुरातत्व विभाग के अफसरों को पता होने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। गाइड जितेन्द्र सिंह चिराणा और राजपूताना गाइड एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मनीष शर्मा का कहना है कि ठेकेदार दीवारों पर इतना महीन प्लास्टर लगा रहे हैं कि वह थोड़ी सी बारिश को झेल नहीं पा रहा है और दीवारों से छूट रहा है।पुरातत्व विभाग और एडमा की ओर से परकोटे के बाजारों में भी प्लास्टर और रंग-रोगन का काम चल रहा है। बाजारों में बरामदों पर नए सिरे से प्लास्टर किया जा रहा है, लेकिन यह प्लास्टर भी इतना घटिया है कि लगाने के कुछ महीने में उतर रहा है और जगह से छूटने भी लगा है। यहीं नहीं जंतर-मंतर के आस-पास फुटपाथ पर लगाए पत्थर भी उखड़ गए हैं।

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