Vasundhare raje
दिल्ली। जीएसटीएन पंजीकरण की कुल संख्या 18 जुलाई, 2017 तक 77,55,416 आंकी गई है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू किए जाने के बाद देश भर में फैले क्षेत्रीय कार्यालयों से कोई भी प्रमुख समस्या उत्पन्न होने के बारे में जानकारी नहीं मिली है।
 व्यवसाय को समुचित रूप से करने-संचालित करने के लिए इंटरनेट की आवश्यकता नहीं है। इंटरनेट की आवश्यकता केवल तभी पड़ेगी जब जीएसटी के तहत रिटर्न दाखिल करना होगा। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि रिटर्न भरने में करदाताओं को कोई भी असुविधा नहीं हो। इसके लिए हर आयुक्तालय में हेल्प डेस्क बनाई गई है और इसके साथ ही जीएसटी सुविधा प्रदाताओं की नियुक्ति की गई है। यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने आज लोकसभा में एक लिखिल प्रश्न के उत्तर में दी।

कोई जवाब दें