जयपुर. राजस्थान प्रदेष कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं जयपुर जिलाध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि पेट्रोल व डीजल की दरें बढ़ाकर केन्द्र सरकार ने एक बार फिर भारत की जनता के साथ बड़ा धोखा किया है। नोटबंदी के बाद पूरे देष में काम-धंधे चैपट हो गये हैं, रोजगार के अवसर समाप्त हो गये हैं एवं लगातार पेट्रोल-डीजल की दरें बढ़ाने से महंगाई अनियंत्रित हो गई है। केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोल कंपनियों को रोजाना पेट्रोल-डीजल की दरे निर्धारित करने का अधिकार देने से आम नागरिकों को भारी नुकसान हो रहा है। जब अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रूड आॅयल सस्ता होता है तब पेट्रोल-डीजल की दरें कम नहीं की जाती, लेकिन जब थोड़ी सी भी बढ़ोतरी होती है तो पेट्रोल-डीजल की दरें बेवजह बहुत ज्यादा बढ़ा दी जाती हैं। खाचरियावास ने कहा कि क्रूड आॅयल के सस्ते होने के कारण इस वक्त देष में पेट्रोल व डीजल जनता को 30 रूपये प्रति लीटर में मिलना चाहिये, लेकिन जनता को जो लाभ मिलना चाहिये था, उस लाभ को खत्म करने के लिये केन्द्र सरकार ने पेट्रोल व डीजल पर एक्साईज डयूटी बहुत ज्यादा बढ़ा दी है। इससे पेट्रोल व डीजल जनता को सस्ते दाम पर नहीं मिल पा रहे है। इस वक्त अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड आॅयल का भाव 48 डाॅलर प्रति बैरल है जबकि कांग्रेस षासन में क्रूड आॅयल का भाव 120 डाॅलर प्रति बैरल था, तब भी पेट्रोल व डीजल की दरें इतनी ज्यादा नहीं बढ़ाई गई थीं, क्योंकि केन्द्र सरकार उस वक्त पेट्रोल-डीजल पर सबसीडी देती थी। अब केन्द्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल में कांग्रेस षासन के समय दी जाने वाली समस्त सबसीडी खत्म करके पेट्रोल-डीजल पर एक्साईज डयूटी बढ़ा दी है जिससे पेट्रोल कंपनियों को तो फायदा हो गया लेकिन महंगाई की मार ने जनता की कमर तोड़ दी। केन्द्र सरकार के साथ ही राजस्थान सरकार ने भी 32 प्रतिषत टैक्स पेट्रोल-डीजल पर लगा रखे हैं। इसमें 1.50 रूपये प्रति लीटर तो सैस के नाम पर जनता से वसूल किया जा रहा है। राजस्थान सरकार के 32 प्रतिषत टैक्स में से यदि जनता को सबसीडी दे दी जाये तो पेट्रोल-डीजल सस्ते हो सकते हैं लेकिन केन्द्र और राज्य सरकार की नीयत पेट्रोल और डीजल सस्ता करके जनता को लाभ पहुंचाने की नहीं है। खाचरियावास ने कहा कि चुनाव के समय प्रधानमंत्री मोदी ने नारा दिया था-“अब और नहीं पेट्रोल-डीजल की मार, अबकी बार मोदी सरकार” वो नारा झूठा साबित हो गया है। अब तो लगातार पेट्रोल-डीजल की दरें बढ़ाकर केन्द्र सरकार जनता की पीठ में लगातार खंजर घोंप रही है जिससे पूरा देष त्रस्त है।

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